चीन से इलेक्ट्रिक वाहनों को लेकर जा रहा एक मालवाहक जहाज अलास्का के तट के पास आग पकड़ गया। जहाज पर इलेक्ट्रिक कारें होने के कारण, क्रू ने शुरुआत में आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन बाद में उन्होंने अमेरिकी तटरक्षक बल से सहायता मांगी। अधिकारियों ने बताया कि क्रू को सुरक्षित निकाल लिया गया है और जहाज की हालत पर निगरानी रखी जा रही है।
रिपोर्ट के अनुसार, लंदन स्थित शिपिंग कंपनी ज़ोडियाक मैरीटाइम का एक जहाज मंगलवार को उस वक्त हादसे का शिकार हो गया, जब वह इलेक्ट्रिक कारों की बड़ी खेप लेकर मैक्सिको की ओर जा रहा था। अलास्का के तट से करीब 1200 मील दूर जहाज में अचानक धुआं उठने लगा। चालक दल आग पर काबू पाने में असफल रहा और महज 15 मिनट के भीतर इमरजेंसी सिग्नल भेजा गया। इसके तुरंत बाद तटरक्षक बल मौके पर पहुंचा और सभी क्रू सदस्यों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
जहाज कंपनी, जॉडिएक मैरीटाइम के प्रवक्ता डस्टिन एनो ने जानकारी दी कि आग लगने की सूचना मिलते ही चालक दल ने खुद ही आग पर काबू पाने की कोशिश की, क्योंकि उस वक्त आसपास कोई फायरफाइटिंग शिप मौजूद नहीं थी। फिलहाल स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है और उम्मीद जताई जा रही है कि बचाव दल सोमवार तक घटना स्थल पर पहुंच जाएगा। वहीं, अमेरिकी तटरक्षक बल का कहना है कि वे आग लगने के कारणों की जांच शुरू करने वाले हैं।
जानकारी के लिए, चीन जो दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक देश है, इलेक्ट्रिक कारों के निर्माण में भी अग्रणी बन चुका है। मॉर्निंग मिडास नामक यह जहाज चीन से मैक्सिको की ओर जा रहा था, और इसके 15 जून तक मैक्सिको के कार्डेनस पहुंचने की उम्मीद है। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस जहाज में लगभग 3000 वाहन लदे हुए हैं, जिनमें से 800 इलेक्ट्रिक वाहन हैं। इन इलेक्ट्रिक कारों में उपयोग होने वाली लिथियम आयन बैटरियां आग लगने की वजह से अत्यधिक गर्म हो सकती हैं, जिससे आग तेजी से फैल सकती है। इसी कारण से बचाव दल के आने तक इंतजार किया जा रहा है।