वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले से चीन परेशान (सोर्स- सोशल मीडिया  
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वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले से उड़ी जिनपिंग की नींद! क्या है तेल-सैटेलाइट और टेक्नोलॉजी कनेक्शन

China On Venezuela: वेनेजुएला में मादुरो की गिरफ्तारी ने अमेरिका-चीन तनाव बढ़ा दिया है। चीन के सैटेलाइट स्टेशन, तेल निवेश और डिजिटल नेटवर्क अमेरिकी प्रभाव या निगरानी के जोखिम में हैं।

अक्षय साहू

China Upset US Attack on Venezuela: वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी ने वैश्विक स्तर पर हलचल मचा दी है। इस कदम ने सीधे तौर पर अमेरिका-चीन प्रतिद्वंद्विता को चुनौती दी है, क्योंकि मादुरो के सत्ता से हटने पर चीन के संवेदनशील निवेश खतरे में पड़ सकते हैं। चीन वेनेजुएला ने  राजनीतिक, आर्थिक और तकनीकी पर भारी निवेश किया है। अब उसे डर है कि इन पर अमेरिका का कब्जा हो सकता है।

वेनेजुएला में चीन ने कई महत्वपूर्ण सैटेलाइट ट्रैकिंग और ग्राउंड स्टेशन स्थापित किए हैं, जैसे एल सोम्ब्रेरो और ल्यूपा स्टेशन। एल सोम्ब्रेरो कैप्टन मैनुअल रियोस एयरबेस पर है और ल्यूपा का बैकअप बोलिवर राज्य में स्थित है। इन तकनीकी परिसंपत्तियों को चीन की सुरक्षा दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है, और अमेरिका के हाथ लगने से चीन की निगरानी और सैटेलाइट क्षमताओं को नुकसान पहुंच सकता है।

 वेनेजुएला पर हमला से चीन में डर क्यों?

चीन ने वेनेजुएला में एल सोम्ब्रेरो और ल्यूपा स्टेशन सैटेलाइट ट्रैकिंग और ग्राउंड स्टेशन स्थापित किए हैं, ये स्टेशन VRSS-2 सैटेलाइट के टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमांड संचालन के लिए जरूरी हैं। VRSS-2 एक नागरिक पृथ्वी अवलोकन सैटेलाइट है, लेकिन इसके डेटा का इस्तेमाल रणनीतिक और सुरक्षा विश्लेषण में भी हो सकता है।  इसके अलावा, चीन ने वेनेजुएला में एडवांस्ड रडार सिस्टम और एयर डिफेंस टेक्नोलॉजी भी तैनात की है, जो आधुनिक लड़ाकू विमानों को ट्रैक करने में सक्षम हैं। अगर ये तकनीक अमेरिका के नियंत्रण में चली गई तो चीन की सैन्य तकनीकी बढ़त पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है।

आर्थिक दृष्टि से भी नुकसान का खतरा

चीन आर्थिक दृष्टि से वेनेजुएला का सबसे बड़ा विदेशी निवेशक और तेल का प्रमुख खरीदार है।चीन राष्ट्रीय पेट्रोलियम निगम (CNPC) ने पुराने तेल क्षेत्रों को आधुनिक तकनीक से अपडेट किया, जिससे उत्पादन कई क्षेत्रों में आठ गुना बढ़ा। अगर नई सरकार अमेरिकी प्रभाव में आती है, तो चीनी कंपनियों के कॉन्ट्रैक्ट रद्द होने, प्रतिबंध लगाने या जब्ती की संभावना बन सकती है, जो चीन की ऊर्जा सुरक्षा के लिए गंभीर झटका होगा।

साइबर और डिजिटल क्षेत्र में भी चीन की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी है। Huawei और ZTE ने वेनेजुएला में 4G नेटवर्क, मोबाइल फोन असेंबली और साइबर सुरक्षा सिस्टम स्थापित किए हैं। बीजिंग को डर है कि अमेरिकी दबाव में ये कंपनियां प्रतिबंधों के अधीन हो सकती हैं और नेटवर्क डेटा पर अमेरिकी निगरानी बढ़ सकती है। कुल मिलाकर मादुरो की गिरफ्तारी केवल वेनेजुएला की राजनीति तक सीमित नहीं है। यह अमेरिका और चीन के बीच बढ़ती रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का केंद्र भी बन गया है। 

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