ब्रिटिश संसद में बजट के दौरान वित्त मंत्री को होती है शराब पीने की छूट (सोर्स- सोशल मीडिया) 
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संसद में शराब की कानूनी छूट! बजट भाषण के दौरान वित्तमंत्री के लिए ब्रांडी-व्हिस्की, इस देश में है अनोखी परंपरा

British Parliament Rule: भारत में बजट से पहले हलवा बांटा जाता है, जबकि ब्रिटेन में चांसलर को बजट भाषण के दौरान पेय, कभी-कभी शराब, लेने की विशेष कानूनी छूट होती है। यह एक पुरानी पंरपरा का हिस्सा है।

अक्षय साहू

British Finance Minister Drank Alcohol During Budget Speech: भारत और ब्रिटेन की संसदों में बजट सत्र के दौरान कुछ दिलचस्प और अलग-अलग परंपराएं देखने को मिलती हैं, जो दोनों देशों की संसद की विशेषता बन चुकी हैं। जहां भारत में बजट से पहले एक खास 'हलवा सेरेमनी' होती है, वहीं ब्रिटेन में बजट भाषण के समय एक अजीब और अनोखी परंपरा का पालन किया जाता है, जो संसदीय नियमों के विपरीत है। 

हम बात कर रहे हैं ब्रिटेन की संसद (वेस्टमिंस्टर) की, जहां बजट पेश करते वक्त वित्त मंत्री, जिन्हें 'चांसलर ऑफ द एक्सचेकर' कहा जाता है, को शराब पीने की कानूनी छूट प्राप्त होती है। हालांकि,ब्रिटेन की संसद में नियम बेहद कड़े होते हैं। 'हाउस ऑफ कॉमन्स' में किसी भी सांसद को खाने-पीने की अनुमति नहीं होती, और यहां तक कि पानी पीने के लिए भी कड़े नियम हैं।

बजट पर दी जाती है विशेष छूट

बजट दिवस पर इस नियम में एक दिन के लिए छूट दी जाती है। इस दिन केवल वित्त मंत्री को अपने भाषण के दौरान एक पेय (जो शराब भी हो सकता है) रखने की अनुमति होती है, और यह उसकी व्यक्तिगत पसंद पर निर्भर करता है। यह परंपरा सदियों पुरानी है। पहले के समय में बजट भाषण बहुत लंबे होते थे, और चांसलर को अपनी आवाज को तर करने या ऊर्जा पाने के लिए पेय का सेवन करना पड़ता था। हालांकि, आजकल यह परंपरा कम देखने को मिलती है, और पिछले कुछ दशकों में ब्रिटिश चांसलरों ने इस परंपरा को संयम से अपनाया है। उदाहरण के लिए, 1997 में गॉर्डन ब्राउन ने सादा मिनरल वॉटर चुना था, और उसके बाद ज्यादातर चांसलरों ने भी केवल पानी ही पिया।

परंपरा से बचने लगे सांसद

सोशल मीडिया और सार्वजनिक छवि के प्रभाव के कारण आजकल के नेता इस परंपरा को लेकर अधिक सतर्क रहते हैं, और बजट भाषण के दौरान शराब पीते हुए नहीं दिखाई देना चाहते। ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, जो एक 'टीटोटलर' (शराब न पीने वाले) हैं, उनके कार्यकाल में इस परंपरा का कोई सवाल नहीं था। वर्तमान में, नेताओं जैसे जेरेमी हंट और रेचल रीव्स भी केवल पानी पीने को प्राथमिकता देते हैं।

भारत और ब्रिटेन की इन परंपराओं में एक बड़ा अंतर है। जहां ब्रिटेन में बजट भाषण के दौरान शराब पीने की परंपरा है, वहीं भारत में बजट के पहले वित्त मंत्री हलवा बनाकर कर्मचारियों में बांटते हैं, जिससे खुशी और उत्साह का माहौल बनता है। 

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