पाक सेना के लिए कोई कोना सुरक्षित नहीं, ( डिजाइन फोटो ) 
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BLA का खतरनाक अल्टीमेटम, पाक सेना के लिए कोई कोना सुरक्षित नहीं, 14 सैनिकों को मारने की ली जिम्मेदारी

BLA ने 9 मई को बलूचिस्तान के पंजगुर जिले में पाकिस्तानी सेना की एक गाड़ी पर हमला कर 14 सैनिकों को मारने की जिम्मेदारी ली है। साथ ही ये भी कहा कि अब पाकिस्तानी सेना प्रदेश के किसी भी हिस्से में खुद को सुरक्षित महसूस..

अमन उपाध्याय

इस्लामाबाद: पाकिस्तानी सेना पर इस समय संकट के बादल बरस रहे हैं। लगातार बलूच आर्मी पाकिस्तानी सेना को अपना टारगेट बना रही है। अब बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने 9 मई को बलूचिस्तान के पंजगुर जिले में पाकिस्तानी सेना की एक गाड़ी पर हमला कर 14 सैनिकों को मारने की जिम्मेदारी ली है। इस हमले का वीडियो BLA ने 14 मई को जारी किया। बलूच लिबरेशन आर्मी ने पाकिस्तानी सेना के खिलाफ चलाए जा रहे अपने अभियान को "ऑपरेशन हेरोफ" नाम दिया है।

BLA ने अपने बयान में कहा है कि बलूचिस्तान की आजादी की मुहिम को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है और अब पाकिस्तानी सेना प्रदेश के किसी भी हिस्से में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर सकती।

PoK मुद्दे पर भारत को समर्थन

बलूच नेता मीर यार बलूच ने बुधवार को पाकिस्तान से बलूचिस्तान की स्वतंत्रता की घोषणा की। उन्होंने इसके पीछे दशकों से बलूच लोगों के मानवाधिकारों के उल्लंघन, अपहरण और हिंसा को कारण बताया। उन्होंने पाकिस्तान के नियंत्रण वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) के मुद्दे पर भारत के नजरिए का समर्थन किया और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि वह पाकिस्तान पर दबाव बनाए ताकि वह इस क्षेत्र से अपनी सेनाएं वापस ले।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय से मांग रहा समर्थन

मीर यार बलूच ने एक्स पर कहा कि बलूचिस्तान के लोगों ने अपना "राष्ट्रीय निर्णय" ले लिया है और अब दुनिया को चुप नहीं रहना चाहिए। उन्होंने लोगों से समर्थन देने की अपील की। उन्होंने लिखा कि बलूच लोग सड़कों पर हैं और उनका स्पष्ट संदेश है कि बलूचिस्तान पाकिस्तान का हिस्सा नहीं है। इसलिए दुनिया अब सिर्फ दर्शक बने रहने की स्थिति में नहीं रह सकती। उन्होंने भारत और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बलूचिस्तान की स्वतंत्रता को मान्यता देने और समर्थन करने की गुजारिश की।

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मीर यार बलूच के अनुसार, दुनिया को बलूचिस्तान पर पाकिस्तान के दावे स्वीकार नहीं करने चाहिए। उनका कहना है कि बलूचिस्तान को विदेशी शक्तियों की मदद से जबरदस्ती कब्जे में लिया गया था। बलूचिस्तान में लंबे समय से मानवाधिकारों का उल्लंघन हो रहा है। पाकिस्तानी सेना और पुलिस स्थानीय लोगों पर हमले कर रही हैं। यहां विदेशी मीडिया की पहुंच बहुत कम है, इसलिए बलूचिस्तान से जुड़ी खबरें बाहर तक नहीं पहुंच पाती हैं।

आजादी की मांग को लेकर कर रहा संघर्ष

बलूच लिबरेशन आर्मी एक उग्रवादी संगठन है जो पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की आजादी की मांग को लेकर संघर्ष कर रहा है। इसकी स्थापना 2000 के दशक की शुरुआत में हुई थी, और कई देशों ने इसे एक आतंकवादी संगठन के रूप में सूचीबद्ध भी किया है। BLA का आरोप है कि बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का दोहन किया जा रहा है और बलूच समुदाय को उसके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। यह संगठन अक्सर पाकिस्तानी सेना, सरकारी संस्थानों और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) जैसे परियोजनाओं पर हमले करता है।

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