Flydubai Co-pilot: इजराइल जाने वाली फ्लाइट के दौरान Flydubai के कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला करने के आरोपी ओमानी को-पायलट को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। एक अंतर्राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार Oman Air के साथ काम करने के दौरान उसके पास से संदिग्ध चीजे मिली थी जो सुरक्षा के लिए खतरा बताया गया था। रिपोर्ट में कहा गया कि 2024 में ट्रेनी को-पायलट के तौर पर काम करते समय चरमपंथी सामग्री मिली थी। बाद में उसे प्रशासनिक भूमिका में काम करने की इजाजत दे दी गई।
जांच एजेंसी अब यह पता लगा रहे हैं कि आरोपी फ्लाईदुबई में कैसे शामिल हुआ और तेल अवीव जाने वाली फ्लाइट में फर्स्ट ऑफिसर के तौर पर कैसे काम किया। ओमान एयर में काम करने के दौरान ही इस संदिग्ध व्यक्ति को लेकर चिंता जताई गई थी। क्योंकि 2024 में सुरक्षा कारणों से ओमान एयर ने उसे सस्पेंड कर दिया था। रिपोर्ट है कि तब उसे एयरलाइन से पूरी तरह नहीं हटाया गया था, बल्कि वे एक एडमिनिस्ट्रेटिव पद पर काम करते रहे।
जांच एजेंसी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि सुरक्षा से जुड़ी उस शुरुआती घटना और फ्लाईदुबई में उनकी बाद की नौकरी के बीच क्या हुआ था। आरोपी के नाम से जुडे नाम को लेकर दावा किया जा रहा है कि उसका नाम हमाम अल हमामी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार गुरुवार को आरोपी को सऊदी अरब से संयुक्त अरब अमीरात भेजा गया है और उससे पूछताछ की जा रही है।
बुधवार, 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला हुआ था। फ्लाइट दुबई से तेल अवीव जा रही थी। को-पायलट ने कॉकपिट के अंदर मच्छार पर हमला किया, जिससे भारतीय कैप्टन गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद विमान तेजी से नीचे की ओर जाने लगा। मच्छार ने घटना को लेकर पीएम मोदी से बातचीत में बताया कि उन्हें पता था कि विमान नीचे जा रहा है और घायल होने के बावजूद वे कॉकपिट का दरवाजा खोलने में कामयाब रहे। यात्री कॉकपिट में गए और संदिग्ध को काबू करने में मदद की।
विमान का रुख सऊदी अरब के तबुक की ओर मोड़ा गया, जहां सुरक्षित लैंडिंग किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, इस उड़ान में 182 लोग सवार थे। UAE इस घटना की जांच कर रही है। सरकारी वकील घटना से जुड़ी परिस्थितियों और मकसद की जांच कर रहे हैं। वे यह भी पता लगा रहे हैं कि क्या इस हमले में कोई आतंकी गतिविधि या पहले से की गई कोई योजना शामिल थी।