मोहम्मद यूनुस, उस्मान हादी (Image- Social Media) 
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'चुनाव टालने के लिए यूनुस ने ही कराई हादी की हत्या', उस्मान के भाई ने खोल दी बांग्लादेश सरकार की पोल

Osman Hadi Murder: बांग्लादेश की राजनीति में शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद विरोध तेज, परिवार ने मोहम्मद यूनुस सरकार पर चुनावी साजिश का आरोप लगाया।

अर्पित शुक्ला

Bangladesh Violence: बांग्लादेश की राजनीति एक बार फिर गंभीर संकट के दौर में नजर आ रही है। युवा नेता और इंकलाब मंच के प्रवक्ता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद देशभर में हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच अब उनके परिवार ने अंतरिम सरकार पर सीधे और गंभीर आरोप लगाए हैं। हादी के बड़े भाई अबू बकर ने कहा है कि उनके भाई की हत्या आगामी चुनावों को रद्द कराने की साजिश का हिस्सा है और इसके लिए मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार को जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।

वहीं, हादी की बहन के बयान को लेकर भी विवाद खड़ा हो गया है। न्यूज एक्स की रिपोर्ट के अनुसार, उसने भारत के खिलाफ भड़काऊ बयान देते हुए कहा था कि हर घर में भारत विरोधी जिहाद की ट्रेनिंग दी जानी चाहिए और इसमें किसी तरह का लैंगिक भेदभाव नहीं होना चाहिए।

युनूस ने उस्मान हादी की हत्या करवाई

20 दिसंबर को मध्य ढाका में कड़ी सुरक्षा के बीच उस्मान हादी का अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। जनसमूह को संबोधित करते हुए उमर हादी ने तीखे शब्दों में कहा, “अगर आप न्याय नहीं दे सकते तो सत्ता छोड़ दीजिए। आपने उस्मान हादी की हत्या करवाई और अब उसी की लाश दिखाकर चुनाव टालना चाहते हैं।” उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनके भाई को न्याय नहीं मिला तो मौजूदा सत्ता को भी देश छोड़ना पड़ेगा। यह बयान भीड़ में मौजूद आक्रोश और अविश्वास को साफ दर्शाता है।

उस्मान हादी की हत्या कैसे हुई?

32 वर्षीय उस्मान हादी को एक सामाजिक कार्यकर्ता और राजनीतिक वक्ता के रूप में जाना जाता था। 12 दिसंबर को ढाका के बिजयनगर इलाके में उन्हें नजदीक से गोली मारी गई थी। गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया, जहां 18 दिसंबर को उनकी मौत हो गई। इसके बाद ढाका समेत कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन, झड़पें और आगजनी की घटनाएं सामने आईं।

बता दें कि उस्मान हादी जुलाई 2024 के छात्र-युवा आंदोलन के प्रमुख चेहरों में शामिल थे, जिसने शेख हसीना सरकार के पतन में अहम भूमिका निभाई थी। फरवरी में होने वाले संसदीय चुनावों से पहले उन्हें एक उभरते नेता और संभावित उम्मीदवार के रूप में देखा जा रहा था। इसी वजह से उनकी हत्या को लेकर अब चुनावी साजिश के आरोप और तेज हो गए हैं।

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