बांग्लादेश चुनाव, सांकेतिक फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
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बांग्लादेश चुनाव: क्या पैसों का खेल बनकर रह गया है लोकतंत्र? ढाका से दिग्गज उम्मीदवार ने छोड़ा मैदान

Bangladesh Elections: बांग्लादेश में होने वाले आम चुनावों से पहले बड़ा उलटफेर हुआ है। नागरिक ओइक्या के संयोजक महमूदुर रहमान मन्ना ने भारी चुनावी खर्च का हवाला देते हुए ढाका-18 से नाम वापस ले लिया है।

अमन उपाध्याय

Bangladesh Elections News Hindi: बांग्लादेश में 12 फरवरी 2026 को होने वाले ऐतिहासिक आम संसदीय चुनावों से ठीक चार दिन पहले एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। नागरिक ओइक्या के संयोजक और प्रमुख उम्मीदवार महमूदुर रहमान मन्ना ने ढाका-18 निर्वाचन क्षेत्र से अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली है।

उनके इस फैसले ने बांग्लादेश की चुनावी प्रक्रिया में होने वाले अत्यधिक खर्च और बड़े निर्वाचन क्षेत्रों के प्रबंधन की चुनौतियों को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

भारी खर्च बना बाधा

महमूदुर रहमान मन्ना ने स्थानीय मीडिया और अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए इस फैसले की घोषणा की। उन्होंने बताया कि ढाका-18 एक बहुत बड़ा निर्वाचन क्षेत्र है जिसमें लगभग साढ़े सात पुलिस स्टेशन क्षेत्र शामिल हैं और यहां मतदाताओं की संख्या लगभग 6,50,000 है। मन्ना के अनुसार, इतने बड़े क्षेत्र में चुनाव लड़ना और उसे मैनेज करना आर्थिक रूप से उनके लिए संभव नहीं हो पा रहा है। उन्होंने अपने समर्थकों से माफी मांगते हुए कहा कि वहां चुनाव इतना महंगा है कि मेरे लिए इसे मैनेज करना संभव नहीं है। हालांकि, उन्होंने संकेत दिया कि वह बोगुरा-2 सीट पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं।

2024 के आंदोलन के बाद पहला बड़ा चुनाव

यह चुनाव बांग्लादेश के इतिहास में बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन जिसने देश की सत्ता संरचना को बदल दिया था उसके बाद यह देश का पहला बड़ा राष्ट्रीय चुनाव है। वर्तमान में मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार देश का संचालन कर रही है। इस चुनाव को दुनिया का पहला 'Gen Z-inspired' चुनाव कहा जा रहा है क्योंकि इसमें 2024 के आंदोलन में सक्रिय रहे युवाओं की बड़ी भूमिका है।

चुनावी समीकरण और मुख्य दावेदार

12 फरवरी 2026 को होने वाले इस चुनाव में लगभग 12.7 करोड़ मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। मतदान सुबह 7:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक चलेगा। राजनीतिक परिदृश्य की बात करें तो अवामी लीग और शेख हसीना की गैरमौजूदगी में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है।

तारिक रहमान के नेतृत्व में BNP 10 पार्टियों के गठबंधन के साथ मैदान में है। उनके मुख्य मुकाबले में जमात-ए-इस्लामी (JIB) का ब्लॉक है जिसमें 11 पार्टियां शामिल हैं और इसी ब्लॉक में आंदोलनकारी युवाओं द्वारा गठित 'नेशनल सिटीजन पार्टी' भी हिस्सा ले रही है।

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