तारिक रहमान (सोर्स- सोशल मीडिया) 
विदेश

चुनाव से पहले बांग्लादेश में मचा सियासी हड़कंप! ये पार्टी बना सकती है सरकार, ओपिनियन पोल ने चौंकाया

Bangladesh Elections: बांग्लादेश में आगामी आम चुनाव से पहले बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को बड़ी बढ़त मिल रही है, जबकि आवामी लीग के पुराने समर्थक अब BNP को समर्थन दे रहे हैं।

अक्षय साहू

BNP Opinion Poll: बांग्लादेश में वर्तमान राजनीतिक स्थिति को देखते हुए 12 फरवरी को होने वाले 13वें आम चुनाव की घोषणा दक्षिण एशिया के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इसके चलते भारत-पाकिस्तान समेत पूरे एशिया की नजर इस चुनाव पर टिक गई है। चुनाव से पहले ही यह संकेत साफ हो गए हैं कि देश की राजनीति एक बड़े बदलाव की ओर बढ़ रही है। 

ठंड और घने कोहरे के बीच बांग्लादेश का राजनीतिक तापमान लगातार बढ़ रहा है, और इसका सबसे बड़ा फायदा बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) को होता दिख रहा है। हाल ही में हुए एक ओपिनियन पोल में देशभर के 300 संसदीय क्षेत्रों से 20,000 से अधिक मतदाताओं की राय ली गई, यह सामने आया कि करीब 70 प्रतिशत लोग BNP के पक्ष में मतदान करने का मन बना चुके हैं। यह पार्टी के लिए एक बड़ी बढ़त मानी जा रही है, जबकि जमात-ए-इस्लामी को सिर्फ 19 प्रतिशत समर्थन मिला है।

तारिक रहमान के लिए राहत की खबर

इस पोल के परिणाम BNP के कार्यवाहक नेता तारिक रहमान के लिए राहतभरी खबर हैं, क्योंकि पार्टी उन्हें जल्द ही औपचारिक रूप से राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की तैयारी में है। पार्टी महासचिव फखरुल इस्लाम आलमगीर ने संकेत दिया कि यह फैसला एक-दो दिन में लिया जा सकता है। पार्टी ने यह भी संकेत दिया है कि तारिक रहमान अपने चुनावी अभियान की शुरुआत सिलहट से करेंगे। यह वही क्षेत्र है, जहां दिवंगत नेता और उनकी मां खालिदा जिया अपने चुनावी अभियानों की शुरुआत करती थीं। इस कदम को पार्टी भावनात्मक और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मान रही है, क्योंकि यह पार्टी की विरासत से जुड़ा हुआ है।

BNP के साथ आवामी लीग समर्थक

वहीं, एक और दिलचस्प बात सामने आई है कि पिछले साल शेख हसीना सरकार के खिलाफ हुए छात्र आंदोलन से उभरी नेशनल सिटिजन्स पार्टी (NCP) को महज 2.6 प्रतिशत समर्थन मिला है। इससे यह स्पष्ट होता है कि सड़क पर दिखने वाली ताकत जरूरी नहीं कि चुनावी समर्थन में बदल जाए।

ओपिनियन पोल का सबसे चौंकाने वाला परिणाम यह है कि आवामी लीग के पुराने समर्थकों में से करीब 60 प्रतिशत अब BNP को वोट देना चाहते हैं, जबकि 20 प्रतिशत से अधिक लोग जमात-ए-इस्लामी की ओर झुकते दिख रहे हैं। यह बदलाव बांग्लादेश की राजनीति में एक नई दिशा की ओर इशारा कर रहा है।

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