बलूचिस्तान IED विस्फोट से दो लोगों की मौत (AI जनरेटेड इमेज)
विदेश

धमाकों से दहला पाकिस्तान, बलूचिस्तान में IED ब्लास्ट से दो लोगों की मौत, अंतरराष्ट्रीय जांच की उठी मांग

Pakistan IED Blast: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हुए एक जोरदार IED धमाके में दो लोगों की मौत हो गई। मानवाधिकार संगठनों और स्थानीय नेताओं ने बलूच नागरिकों की सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं।

अक्षय साहू

Balochistan IED Blast: पाकिस्तान के बलूचिस्तान में हुए आईईडी धमाके में दो लोगों की मौत हो गई। धमाका एक वाहन में हुआ। स्थानीय पुलिस ने सोमवार को इसकी जानकारी दी। सूत्रों ने नाम न बताने की शर्त पर सिंहुआ न्यूज एजेंसी को बताया कि यह घटना रविवार को दोपहर करीब 3 बजे राजधानी क्वेटा में हुई। पुलिस ने बताया कि गाड़ी पानी के पाइपलाइन का सामान ले जा रही थी।

सूत्रों के मुताबिक, मृतकों के शवों और कुछ घायलों को क्वेटा के एक अस्पताल ले जाया गया।अभी तक किसी भी गुट ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। यह हमला पिछले हफ्ते पाकिस्तानी एयर फोर्स द्वारा सुराब के गिदर इलाके में रिहायशी इलाकों में अंधाधुंध बमबारी करने के कुछ दिनों बाद हुआ है। उस हमले में महिलाओं और बच्चों समेत 30 से ज्यादा मासूम नागरिक मारे गए थे और कई घायल हो गए थे, जबकि प्रॉपर्टी को भी काफी नुकसान हुआ था।

सबिहा बलूच ने की हमले की निंदा

हमले की निंदा करते हुए, बलूच यकजेहती कमेटी (बीवाईसी) की नेता सबिहा बलूच ने कहा कि इस घटना से पता चलता है कि पाकिस्तान कैसे बच्चों समेत बेगुनाह बलूच नागरिकों की हत्या करके अपने बनने और होने का दम भरता है, जिसे उन्होंने नरसंहार बताया।

अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सबिहा ने कहा, वो इलाका पाकिस्तानी सेना से घिरा हुआ है। बचाव टीम, मेडिकल स्टाफ, एम्बुलेंस और पत्रकारों के आने-जाने पर पाबंदी लगा दी गई है। मानवीय मदद और स्वतंत्र दस्तावेजीकरण होने देने से रोकना मानवाधिकार संबंधी नियमों का पूरी तरह से उल्लंघन है और इस पर तुरंत अंतरराष्ट्रीय समुदाय को ध्यान देने की जरूरत है। उन्होंने पत्रकारों, मेडिकल टीमों, मानवीय संगठनों और दुनिया भर के लोगों से अपील की कि वे पीड़ितों तक तुरंत मदद पहुंचाने की कोशिशों को अंजाम दें।

बीवीजे ने अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग 

इस बीच, ह्यूमन राइट्स बॉडी बलूच वॉयस फॉर जस्टिस (बीवीजे) ने घटना की तुरंत, स्वतंत्र, पारदर्शी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निगरानी वाली जांच की मांग की। बीवीजे ने कहा, मारे गए और घायल हुए लोगों की पहचान और जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए, और जो लोग इसके लिए जिम्मेदार हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। आम लोगों- खासकर महिलाओं और बच्चों- की सुरक्षा करना देश की बुनियादी जिम्मेदारी है, और सभी सैन्य अभियान को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून और आम लोगों की जिंदगी की सुरक्षा से जुड़े सिद्धांतों का पालन करना चाहिए।

एजेंसी इनपुट के साथ-

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