Balochistan Kalat Eviction Order Update: बलूचिस्तान के कलात जिले में पाकिस्तानी अधिकारियों द्वारा स्थानीय निवासियों को घर खाली करने के निर्देश दिए जाने के बाद विवाद गहरा गया है। मानवाधिकार संगठन बलोच यकजेहती कमेटी यानी BYC ने पाकिस्तानी प्रशासन के इस आदेश की तीखी और कड़े शब्दों में निंदा की है।
BYC ने इसे बलोच नागरिकों के खिलाफ राज्य दमन, सामूहिक सजा और नरसंहार की व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा करार दिया है। संगठन ने मांग की है कि इस जबरन बेदखली के आदेश को तुरंत वापस लिया जाए और स्थानीय लोगों को उनके पैतृक इलाकों में सुरक्षा प्रदान की जाए।
कलात और खालिकाबाद के सहायक आयुक्तों की ओर से जारी नोटिस में कुछ इलाकों के निवासियों को 28 सितंबर 2026 तक सुरक्षित स्थानों पर जाने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, प्रशासन ने यह कदम मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए उठाया है।
स्थानीय रिपोर्टों में शोर पारोद, पारोद और गजग समेत पहाड़ी क्षेत्रों का उल्लेख किया गया है। पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रशासन के अनुसार, इन इलाकों में सुरक्षा अभियान की तैयारी और सशस्त्र हमलावरों की मौजूदगी से जुड़े सुरक्षा इनपुट के कारण अस्थायी स्थानांतरण किया जा रहा है।
प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक, विस्थापित होने वाले लोगों के लिए वैकल्पिक आवास, टेंट, भोजन और दूसरी जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई है। बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुगती ने भी पहले करीब 1000 लोगों को अस्थायी रूप से दूसरी जगह ले जाने की बात कही थी।
बलोच यकजेहती कमेटी ने 20 सितंबर को जारी आदेश का विरोध करते हुए कहा कि पूरी आबादी को उनके घरों, जमीन और आजीविका से हटाना केवल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं है। संगठन ने इसे बलोच नागरिकों के खिलाफ राज्य दमन और सामूहिक सजा का हिस्सा बताया।
BYC ने आरोप लगाया कि किसी व्यक्ति या समूह की गतिविधियों के लिए पूरी आबादी को जिम्मेदार ठहराना सामूहिक सजा की श्रेणी में आता है। संगठन ने यह भी दावा किया कि लगातार विस्थापन से स्थानीय लोगों की सामाजिक और आर्थिक स्थिति प्रभावित हो रही है। ये आरोप BYC के बयान पर आधारित हैं।
BYC ने बलूचिस्तान के कुछ अन्य क्षेत्रों में कथित विस्थापन का उल्लेख करते हुए कहा कि कलात का आदेश किसी बड़े पैटर्न का हिस्सा है। संगठन ने शादि कोर और मस्तुंग जैसे इलाकों में भी लोगों के विस्थापन का दावा किया।
वहीं, पाकिस्तानी प्रशासन और सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि बलूचिस्तान के कई हिस्सों में सशस्त्र समूहों की गतिविधियों के चलते सुरक्षा अभियान चलाए जा रहे हैं। प्रशासन का तर्क है कि नागरिकों को अस्थायी रूप से सुरक्षित स्थानों पर ले जाना उनकी सुरक्षा के लिए जरूरी है।
BYC ने कलात में जारी बेदखली आदेश को तत्काल वापस लेने की मांग की है। संगठन ने स्थानीय लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और उन्हें अपने घरों तथा पैतृक इलाकों में सम्मान के साथ रहने देने की अपील की है।
मामला ऐसे समय सामने आया है जब बलूचिस्तान में सुरक्षा अभियानों और स्थानीय आबादी के विस्थापन को लेकर सरकार तथा बलोच संगठनों के बीच दावे और आरोप लगातार सामने आ रहे हैं।