तस्वीर में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन 
विदेश

अमेरिका ने चीन से मांगी मदद, शी जिनपिंग को सौंपी पुतिन को समझाने की जिम्मेदारी

यूक्रेन और रूस में संघर्ष जारी है। अब उत्तर कारिया भी रूस का साथ दे रहा है। इसे देख अमेरिका ने चीन से मदद मांगी है। अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने चीन से मॉस्को और प्योंगयांग पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने का अनुरोध किया है।

साक्षी सिंह

वाशिंगटन: यूक्रेन और रूस में संघर्ष जारी है। अब उत्तर कारिया भी रूस का साथ दे रहा है। इसे देख अमेरिका ने चीन से मदद मांगी है। यूक्रेन के खिलाफ युद्ध में मदद के लिए रूस को उत्तर कोरिया द्वारा हजारों सैनिक भेजे गए हैं। अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने चीन से मॉस्को और प्योंगयांग पर अपने प्रभाव का इस्तेमाल करने का अनुरोध किया है। ताकि तनाव को बढ़ने से रोका जा सके। फिलहाल चीन इन घटनाक्रमों पर अभी तक चुप्पी साध रखी है।

अमेरिका के विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि इस सप्ताह की शुरुआत में तीन शीर्ष अमेरिकी राजनयिकों ने अमेरिका में चीन के राजदूत के साथ मुलाकात की। जिसमें अमेरिकी चिंताओं पर जोर दिया गया और चीन से अनुरोध किया गया कि वह उत्तर कोरिया और रूस के सहयोग को कम करने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करे।

अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने गुरुवार को कहा कि दोनों पक्षों के बीच इस सप्ताह ठोस बातचीत हुई। चीन, अमेरिका की इन अपेक्षाओं से भली भांति परचित है। कि वे इन गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए अपने प्रभाव का इस्तेमाल करेंगे।

यूक्रेन संकट पर चीन की स्थिति स्पष्ट

ब्लिंकन ने वाशिंगटन में रक्षा मंत्री लॉयड ऑस्टिन और उनके दक्षिण कोरियाई समकक्षों के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि लेकिन मुझे लगता है कि यह मांग न केवल हमारी बल्कि दुनिया भर के और भी देशों की है। वाशिंगटन में चीनी दूतावास के प्रवक्ता लियू पेंगयु ने एक बयान में कहा कि यूक्रेन संकट पर चीन की स्थिति तर्कयुक्त और स्पष्ट है।

यूक्रेन के खिलाफ क्रेमलिन में जंग की तैयारी

लियू ने कहा कि चीन की यूक्रेन संकट के राजनीतिक समाधान और शांति वार्ता के लिए प्रयास जारी है। यह रुख लगातार बना हुआ है। चीन इस दिशा में रचनात्मक भूमिका निभाने की हर संभव कोशिश करेगा। अमेरिका का कहना है कि 8 000 उत्तर कोरियाई सैनिक यूक्रेन की सीमा के पास रूस में हैं। इससे ये भी आशंका है कि रूस और उत्तर कोरिया आगामी दिनों में यूक्रेनी सैनिकों के खिलाफ क्रेमलिन की लड़ाई में मदद करने की तैयारी कर रहे हैं।

चीन की नहीं आई कोई प्रतिक्रिया

हालांकि चीन ने रूस और उत्तर काेरिया के इस कदम पर अभी तक सार्वजनिक रूप से कोई टिप्पणी नहीं की है। चीन ने रूस के साथ असीमित साझेदारी स्थापित की है। साथ ही वह उत्तर कोरिया का एक प्रमुख सहयोगी भी रहा है। लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि बीजिंग रूस और उत्तर कोरिया के बीच घनिष्ठ सैन्य साझेदारी को शायद नहीं स्वीकार करेगा। क्योंकि वह इसे क्षेत्र में अस्थिरता पैदा करने वाला मानता है।

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