अलीरेजा तंगसीरी, फोटो (सो. सोशल मीडिया) 
विदेश

ईरान को एक और करारा झटका! लारीजानी के बाद अब नौसेना कमांडर तंगसीरी की भी गई जान; तेहरान ने की मौत की पुष्टि

Alireza Tangsiri Killed: ईरान ने अपने IRGC नौसेना कमांडर अलीरेजा तंगसीरी की मौत की पुष्टि कर दी है। होर्मुज की सुरक्षा रणनीति के मास्टरमाइंड माने जाने वाले तंगसीरी इजरायली हमले में घायल हुए थे।

अमन उपाध्याय

Iran Israel War Latest News: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान को एक और अपूरणीय क्षति हुई है। ईरान ने आधिकारिक तौर पर अपने इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के नौसेना कमांडर अलीरेजा तंगसीरी की मौत की पुष्टि कर दी है। इजरायल ने पिछले हफ्ते ही दावा किया था कि उन्होंने एक लक्षित सैन्य ऑपरेशन में तंगसीरी को मार गिराया है। ईरान के सरकारी मीडिया संस्थान IRIB ने अब इस खबर पर मुहर लगा दी है कि तंगसीरी हमले के दौरान आई गंभीर चोटों से उबर नहीं पाए और उनकी जान चली गई।

कौन थे अलीरेजा तंगसीरी?

अलीरेजा तंगसीरी साल 2018 से IRGC के नौसेना प्रमुख के महत्वपूर्ण पद पर तैनात थे। उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' की सुरक्षा रणनीति का मास्टरमाइंड माना जाता था। खाड़ी युद्ध के दौरान अमेरिका और इजरायल के जहाजों को चुनौती देने और ईरानी समुद्री सीमाओं की रक्षा करने में उनकी भूमिका सबसे अहम रही थी। रिपोर्टों के अनुसार, तंगसीरी 26 मार्च को बंदर अब्बास में हुए एक इजरायली हमले के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

बिखरता ईरानी सैन्य नेतृत्व

मौजूदा युद्ध ईरान के शीर्ष सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व के लिए काल साबित हो रहा है। अलीरेजा तंगसीरी की मौत इस कड़ी में नया नाम है, लेकिन इससे पहले भी कई दिग्गज हस्तियां मारी जा चुकी हैं। युद्ध की शुरुआत में ही, 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की संयुक्त कार्रवाई में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई थी। इसके अलावा, 28 फरवरी को ही IRGC के कमांडर-इन-चीफ मोहम्मद पाकपुर और वायुसेना अधिकारी अजीज नासिरजादेह भी तेहरान में हुए हमलों में मारे गए थे। 17 मार्च को सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी और 18 मार्च को खुफिया मंत्री इस्माइल खतीब ने भी अपनी जान गंवाई थी।

वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहराता साया

ईरान और इजरायल के बीच छिड़े इस महायुद्ध का असर अब दुनिया भर की जेब पर पड़ने लगा है। सामरिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बढ़ने के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित होने का खतरा पैदा हो गया है। इसका सीधा असर भारत पर भी पड़ा है जहां डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया ऐतिहासिक निचले स्तर पर गिरकर ₹95 के पार पहुंच गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष और लंबा खिंचता है तो कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण आम जनता के लिए ईंधन और परिवहन के खर्चे बढ़ना तय है।

इजरायल का बढ़ता दबाव

इजरायल के रक्षा मंत्री काट्ज ने स्पष्ट किया है कि उनकी सेना ईरान के सैन्य बुनियादी ढांचे को नष्ट करने के लिए प्रतिबद्ध है। पिछले कुछ दिनों में इजरायल ने न केवल शीर्ष कमांडरों को निशाना बनाया है बल्कि ईरान के नौसैनिक खुफिया प्रमुख बेहनम रजाई जैसे रणनीतिकारों को भी खत्म कर दिया है। ईरान में इस समय स्थिति तनावपूर्ण है और पाकिस्तान के जरिए ट्रंप के प्रस्तावों पर भी तेहरान का रुख बेहद सख्त बना हुआ है।

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