अफगानिस्तान में धमाके की, फोटो (सो. आईएएनएस) 
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अफगानिस्तान में फिर धमाका, कोर्ट बिल्डिंग में विस्फोट से हड़कंप; निशाने पर थे तालिबान के अधिकारी!

Afghanistan blast news Hindi: अफगानिस्तान के फरयाब प्रांत में कोर्ट ऑफ अपील बिल्डिंग में जोरदार धमाका हुआ। तालिबान अधिकारियों की मौजूदगी के बीच हुए इस हमले से सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं।

अमन उपाध्याय

Afghanistan Farayab Court Blast News: अफगानिस्तान के उत्तरी हिस्से में स्थित फरयाब प्रांत में गुरुवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब कोर्ट ऑफ अपील की इमारत में एक शक्तिशाली धमाका हुआ। इस घटना के बाद पूरे इलाके में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चिंताएं गहरा गई हैं। धमाके की सूचना मिलते ही इमरजेंसी रेस्पॉन्डर्स, सुरक्षा बल और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, जिस वक्त यह धमाका हुआ उस समय तालिबान के कई वरिष्ठ अधिकारी कोर्ट परिसर के अंदर मौजूद थे और एक महत्वपूर्ण सुरक्षा बैठक में हिस्सा ले रहे थे। ऐसे में कयास लगाए जा रहे हैं कि हमले का मुख्य निशाना यही बैठक थी। हालांकि, अभी तक तालिबान प्रशासन की ओर से इस हमले को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

कैसे हुआ धमाका?

अफगानिस्तान की न्यूज एजेंसी खामा प्रेस ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि धमाके के कारण को लेकर अलग-अलग दावे सामने आए हैं। कुछ सूत्रों का कहना है कि यह हमला रॉकेट के जरिए किया गया, जबकि अन्य का मानना है कि यह एक पहले से प्लांट की गई माइन का विस्फोट था। स्वास्थ्य अधिकारियों ने पुष्टि की है कि कई मृतकों और घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, लेकिन अभी तक मृतकों की सटीक संख्या सार्वजनिक नहीं की गई है।

तालिबान सरकार पर खड़ा हुआ सवाल

हमले की जिम्मेदारी फिलहाल किसी भी आतंकी संगठन ने नहीं ली है। वहीं, तालिबान सरकार की चुप्पी ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के महीनों में अफगानिस्तान में धार्मिक स्थलों और सरकारी ठिकानों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं में इजाफा हुआ है जो आंतरिक सुरक्षा की कमजोरियों की ओर इशारा करता है।

मस्जिद के अंदर हैंड ग्रेनेड धमाका

गौरतलब है कि अक्टूबर 2025 में भी अफगानिस्तान के परवान प्रांत के शिनवारी जिले में एक मस्जिद के अंदर शाम की नमाज के दौरान हैंड ग्रेनेड धमाका हुआ था जिसमें नौ लोग घायल हो गए थे। उस घटना में चौंकाने वाली बात यह थी कि गवाहों के अनुसार ग्रेनेड फेंकने वाला व्यक्ति खुद तालिबान का सदस्य था जो धमाके में घायल भी हुआ था। हालांकि, अधिकारियों ने उस मामले में भी संदिग्ध की पहचान या उसके मकसद को लेकर कोई विस्तृत जानकारी साझा नहीं की थी।

इसके अलावा, उसी महीने बामियान प्रांत में नमाज के दौरान हथियारबंद हमलावरों द्वारा नमाजियों पर गोलीबारी की घटना भी सामने आई थी। इन लगातार हो रही घटनाओं ने अफगानिस्तान में धार्मिक और सरकारी स्थलों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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