ममता बनर्जी और ऋतब्रत बनर्जी (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया) 
पश्चिम बंगाल

दिल्ली और कोलकाता में ज्यादा दूरी नहीं... 58 विधायकों को तोड़ने के बाद अब TMC सांसदों पर ऋतब्रत बनर्जी की नजर

TMC Political Crisis News: TMC के विधायक दल में टूट के बाद संसदीय दल में टूट की खबरों के बीच पार्टी हरकत में आ गई है। पार्टी से निष्कासित नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कई सांसदों से संपर्क का दावा किया है।

अमन मौर्या

Ritabrata Banerjee Rebel: विधानसभा चुनाव के बाद ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस में बड़ी टूट हुई है। पार्टी के 58 विधायकों ने बगावत करके ऋतब्रत बनर्जी को अपना नया विधायक दल का नेता चुना है। विधानसभा में झटका लगने के बाद अब टीएमसी पर नया संकट आने की चर्चा है। विधायकों के टूट के बाद अब पार्टी में सांसदों के टूट का भी खतरा मडरा रहा है। इस बात हवा तब और मिली जब विधायक दल के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने टीएमसी सांसदों के संपर्क में होने का दावा किया।

दिल्ली से कोलकाता ज्यादा दूर नहीं: ऋतब्रत बनर्जी

TMC संसदीय दल के नेता के तौर पर अभिषेक की स्थिति को लेकर संभावित कोई खतरे पर सवाल किया गया। पश्चिम बंगाल में विपक्ष के नेता और TMC से निकाले गए नेता ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, मैं तो दिल्ली में भी नहीं हूं। मैं कोलकाता में हूं। चूंकि मैं सांसद नहीं हूं, इसलिए संसदीय दल के कामकाज के बारे में क्या कह सकता हूं? हालांकि, दिल्ली और कोलकाता के बीच की दूरी बहुत ज्यादा नहीं है।

सांसदों से हुई बात

बातचीत के दौरान टीएमसी पार्टी छोड़ने वाले संभावित सांसदों की संख्या के बारे में पूछे जाने पर ऋतब्रत बनर्जी ने कहा, मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। मैंने कल 4-5 सांसदों को फोन करने की कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्य से, मैं उनमें से किसी से भी संपर्क नहीं कर पाया। उनके फोन या तो बंद थे या कवरेज क्षेत्र से बाहर थे। हां, आज मैंने कुछ सांसदों से बात जरूर की, लेकिन उनके अपने फोन पर नहीं।

आगे उन्होंने कहा कि मेरा एक करीबी साथी दिल्ली में था और कुछ सांसदों से उसकी मुलाकात हुई। उसने फोन मुझे दिया, तो मैंने उनसे उस तरह बात की। इसलिए मुझे असल में कोई साफ अंदाजा नहीं है।

TMC हुई सक्रिय

TMC सांसदों के अलग गुट बनाने की खबरों को पार्टी ने गंभीरता से संज्ञान में लिया है। रविवार को पार्टी नेताओं ने बताया कि दलबदल विरोधी कानून के हिसाब से देखा जाए तो सांसदों द्वारा ऐसा करना व्यावहारिक रूप से लगभग असंभव है, क्योंकि लोकसभा में TMC के पास 28 सांसद हैं। इस हिसाब से उनको अलग गुट बनाने के लिए कम से कम दो-तिहाई यानी 19 सांसदों का समर्थन जरूरी होगा। हालांकि, पार्टी पदाधिकारियों का कहना है कि इतनी बड़ी संख्या में बागी सांसद अलग संसदीय समूह नहीं बना सकते। उन्हें किसी न किसी मौजूदा राजनीतिक दल में विलय होना ही पड़ेगा।

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