West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों बड़ा उलटफेर देखने को मिल रहा है, जहां कभी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बेहद करीबी रहे नेता ऋतव्रत बनर्जी अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनकर सामने आए हैं। हाल ही में टीएमसी के 58 से अधिक विधायकों ने रीतव्रत बनर्जी को तृणमूल कांग्रेस विधायक दल का नया नेता चुन लिया है, जिसे ममता बनर्जी के तीन दशक लंबे राजनीतिक वर्चस्व को एक सीधी चुनौती माना जा रहा है। पार्टी के इतिहास में यह पहली बार हुआ है जब किसी बाहरी नेता ने निष्कासन के बाद टीएमसी के दो-तिहाई विधायकों को अपने पाले में कर लिया है, जिसके कारण राजनीतिक गलियारों में उनकी तुलना महाराष्ट्र के एकनाथ शिंदे से की जाने लगी है।ऋतव्रत बनर्जी का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति (SFI) से शुरू हुआ था, जिसके बाद वे वर्ष 2008 में एसएफआई के राष्ट्रीय महासचिव और बाद में सीपीएम के टिकट पर 2014 में राज्यसभा सांसद बने। हालांकि, लग्जरी जीवनशैली के विवादों और पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोपों के चलते उन्हें सीपीएम से निष्कासित कर दिया गया था।