TMC Political Crisis: बंगाल विधानसभा चुनाव के बाद से ममता बनर्जी की पार्टी TMC में भगदड़ मची हुई है। पहले 50 से अधिक विधायकों ने अलग गुट बनाकर अपने पसंद का नेता प्रतिपक्ष नियुक्त करवाया। इसके बाद सांसदों के बादी होने की खबर से टीएमसी में हड़कंप मच गया है। टीएमसी के 20 सांसद NCPI में विलय कर रहे हैं। इस मामले पर कोलकाता से दिल्ली तक सियासी माहौल गरमाया हुआ है।
संसद भवन में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव अभिषेक बनर्जी ने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला से मुलाकात की है। अभिषेक बनर्जी ने 20 बागी टीएमसी सांसदों के एनसीपीआई में विलय के बाद यह मुलाकात की है। टीएमसी ने इस विलय को पूरी तरह अवैध बताया है।
अभिषेक बनर्जी ने स्पीकर से मिलकर इन सभी सांसदों के खिलाफ सख्त एक्शन लेने की मांग की है। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि हमने 20 बागी सांसदों के खिलाफ स्पीकर ओम बिरला को 20 अर्जियां दी हैं और इन सभी को डिस्क्वालिफाई करने की मांग की है। टीएमसी का कहना है कि बागियों ने संविधान की धज्जियां उड़ाई हैं। टीएमसी नेतीओं ने कहा कि बंगाल की जनता इस धोखे के लिए इन लोगों को कभी माफ नहीं करेगी। अभिषेक बनर्जी ने साफ कहा कि 10वीं अनुसूची के नियम इन सांसदों के खिलाफ जाते हैं और इनकी सदस्यता रद्द होनी चाहिए।
अभिषेक बनर्जी ने कहा कि किसी भी विलय के लिए दो-तिहाई बहुमत जरूरी होता है। TMC महासचिव ने कहा कि अगर बागियों में थोड़ी भी ईमानदारी बची है तो वे लोग खुद इस्तीफा दें। अभिषेक बनर्जी ने चैलेंज दिया कि बागी नेता पहले टीएमसी छोड़ें। इसके बाद वो किसी भी पार्टी के टिकट पर चुनाव जीतकर दिखाएं। उन्होंने कहा कि अगर वे लोग टीएमसी से नाखुश हैं तो उनको पद पर रहने का कोई हक नहीं।
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ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने कहा कि कुछ सांसदों को ईडी और सीबीआई द्वारा धमकाया जा रहा है। कुछ सांसदों को सीधे पैसों का लालच दिया जा रहा है। अभिषेक बनर्जी ने कहा कि उनके पास इस बात के पक्के सबूत हैं।