TMC Statement on Amit Shah: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से पहले आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी भारतीय जनता पार्टी के बीच बयानबाजी तीखी होती जा रही है। एक तरफ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राज्य में घुसपैठ और सीमा सुरक्षा को लेकर ममता बनर्जी सरकार पर सवाल उठा रहे तो दूसरी तरफ टीएमसी नेता कुणाल घोष बीजेपी के चुनावी दावों पर सीधा हमला बोल रहे। कुणाल ने दावा किया है कि बीजेपी विधानसभा चुनाव में 30 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी।
तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता कुणाल घोष ने मंगलवार को बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में बीजेपी की हालत 30 सीटों से आगे जाने वाली नहीं है। उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने बंगाल में बीजेपी की बड़ी जीत का दावा किया है। कुणाल ने अमित शाह को फ्लॉप ज्योतिषी बताते हुए कहा कि उनके दावे हमेशा गलत साबित होते हैं।
टीएमसी नेता ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जिन सांसदों और विधायकों से मिल रहे हैं, उनमें से आधे लोग 2026 के बाद पूर्व विधायक बन जाएंगे और जो सांसद हैं, वे 2029 के बाद पूर्व सांसद हो जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी 30 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाएगी।
कुणाल ने आरोप लगाया कि शाह केंद्र सरकार की पूरी ताकत और चुनाव आयोग का दुरुपयोग करके बंगाल में माहौल बनाना चाहते हैं, लेकिन इसका जमीनी हकीकत से लेना-देना नहीं है। बंगाल की जनता अच्छी तरह जानती है कि बीजेपी राज्य के साथ भेदभाव करती है। उसका अपमान करती है। इस चलते जनता फिर बीजेपी को खारिज करने जा रही है।
कुणाल घोष ने कहा कि अमित शाह फ्लॉप ज्योतिषी हैं। उन्होंने 2021 में कहा था कि बीजेपी 200 से अधिक सीटें जीतेगी, लेकिन पार्टी 77 पर रुक गई। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले ज्यादा सीटें आने की बात कही, लेकिन संख्या घटकर 12 हो गई। शाह जो कहते हैं, उसका उल्टा होता है। कुणाल ने कहा कि इस बार बीजेपी 30 सीटें भी पार करने की स्थिति में नहीं है।
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टीएमसी नेता ने आरोप लगाया कि बंगाल वाले शाह से नाराज हैं। बीजेपी शासित राज्यों में बंगाली भाषा बोलने वालों को परेशान किया जा रहा। उन्हें बांग्लादेशी कहकर निशाना बनाया जा रहा है। कुणाल ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, इस प्रक्रिया के जरिए बुजुर्गों और बीमार लोगों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बीजेपी दावा कर रही कि त्रिपुरा और असम में घुसपैठ रुक गई ह, तो फिर पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची से हटाए गए 58 लाख लोगों में से कितने घुसपैठिए पकड़े गए, उनके नाम क्यों नहीं बताए जा रहे? उन्होंने मामले में चुनाव आयोग से भी जवाब मांगा।