President Respect Controversy: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के बंगाल दौरे को लेकर भाजपा और टीएमसी के बीच सियासी तकराव तेज हो गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल की सीएम ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा था कि द्रौपदी मुर्मू संथाल समुदाय के एक बड़े उत्सव में शामिल होने के लिए बंगाल गई थीं। लेकिन राष्ट्रपति का सम्मान करने के बजाय, टीएमसी ने इस पवित्र और महत्वपूर्ण आयोजन का बहिष्कार किया।
पीएम मोदी ने इसे ना सिर्फ राष्ट्रपति का अपमान बताया बल्कि इसे संविधान का भी अपमान बताया। जिसके बाद रविवार को बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पीएम मोदी के बयान पर प्रतिक्रिया दी और उनपर निशाना साधा।
बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री को जवाब देते हुए 2024 में एलके आडवाणी को दिए गए भारत रत्न समारोह की तस्वीर दिखाई और प्रधानमंत्री मोदी पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अपमान करने का आरोप लगाया।
सीएम ममता बनर्जी ने पीएम मोदी की उस तस्वीर को जनता के सामने रखा जिसमें प्रधानमंत्री बैठे हुए दिखाई दे रहे हैं जबकि राष्ट्रपति आडवाणी को यह पुरस्कार प्रदान कर रही हैं।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि प्रोग्राम हमने नहीं किया था। इसे एक प्राइवेट ऑर्गनाइजेशन ने किया था। राज्य सरकार की तरफ़ से एक लेटर भेजा गया था जिसमें साफ़ तौर पर कहा गया था कि ऑर्गनाइज़ेशन के पास ऐसा प्रोग्राम करने की क्षमता नहीं है जिसमें भारत के माननीय प्रेसिडेंट शामिल हों। उन्होंने हमें शामिल नहीं किया। यह कोई राज्य सरकार का प्रोग्राम नहीं था। यह बताने के बावजूद कि प्राइवेट ऑर्गनाइजेशन शायद प्रोग्राम ठीक से न कर पाए, राष्ट्रपति ने अपनी मर्जी से न्योता स्वीकार कर लिया। तो, यह उनका अधिकार है, हमारा नहीं।लोग प्रोग्राम में क्यों नहीं आए, इस मुद्दे पर उस ऑर्गनाइजेशन को ध्यान देना चाहिए जिसने इसे ऑर्गनाइज किया था।
ममता बनर्जी ने आगे कहा कि हम कूर्सी का पूरा सम्मान करते हैं हम संविधान का अपनी मां की तरह सम्मान करते हैं। सिर्फ इसलिए कि चुनाव आ रहे हैं, आपने हमें दोष दिया क्योंकि आपने बंगाल को टारगेट किया था। क्यों आपने कहा कि हमने उनका (राष्ट्रपति मुर्मू का) सम्मान नहीं किया? हमारे मेयर वहां मौजूद थे। मैं धरने पर थी। मैं इसे कैसे छोड़ सकता थी धरना शुरू होने से पहले मुझे प्रोग्राम के बारे में पता नहीं था। मैं यहां के लोगों की लड़ाई लड़ रही हूं। मैं उनके मताधिकार के लिए लड़ रही हूं। चाहे हिंदू हों, मुस्लिम हों, जैन हों, सिख हों, पारसी हों या ईसाई हों। हम सभी के लिए लड़ रहे हैं। यह भारत है। हम सबसे प्यार करते हैं।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के प्रोटोकॉल टूटने और अपमान वाले मामले में केंद्र सरकार ने राज्य के मुख्य सचिव से जवाब मांगा है। हालांकि राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राष्ट्रपति के अपमान वाली बात को खारिज कर दिया है।
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यह मुद्दा ऐसे वक्त में उठा है जब बंगाल में विधानसभा चुनाव में कुछ ही महीने बचे हैं। ऐसे में जहां एक तरफ पीएम मोदी और भाजपा इस मुद्दे को राष्ट्रपति के अपमान के साथ-साथ आदिवासियों के अपमान से जोड़ रही है तो वहीं दूसरी तरफ बंगाल की सीएम ममता बनर्जी भी पलटवार कर रही हैं। ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि यह मुद्दा कब तक बंगाल की सियासत में हलचल मचाता रहेगा।