Mamata Banerjee Hospital Controversy: पश्चिम बंगाल में टीएमसी सांसद अभिषेक बनर्जी पर शनिवार को हुए हमले में उन्हें गहरी चोटें आई है। पश्चिम बंगाल पुलिस ने कल TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के साथ हुई घटना के सिलसिले में पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अभिषेक बनर्जी पर हमला होने के बाद बंगाल की राजनीति में उथल-पुथल मच गई है।
अभिषेक बनर्जी को अस्पताल में भर्ती कराने के बाद तुरंत डिस्चार्ज कर दिया गया। इस पर ममता बनर्जी भड़क गई और अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। ममता बनर्जी ने कहा कि अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले से गहरा दुख हुआ। उन्होंने सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल उठाए। ममता बनर्जी ने अस्पताल प्रशासन को सवालों को घेरे में लिया। डॉक्टरों ने अपनी रिपोर्ट आने के बाद कहा कि अभिषेक को मामूल चोटें आई हैं। इस पर वे भड़क गई।
उन्होंने पूछा कि अगर अस्पताल में भर्ती करने की जरूरत नहीं थी, तो उसे आईसीयू में क्यों ले जाया गया। अभिषेक को लगभग 2 घंटे तक ऑब्जरवेशन में क्यों रखा गया। अस्पताल ने मेडिकल जांच और स्कैन करने के लिए क्यों कहा? ममता बनर्जी ने बताया कि लगभग 8.15 बजे से लेकर 11 बजे तक अभिषेक बनर्जी को निगरानी में रखा गया था, उसके बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। शुरुआती दौर में डॉक्टरों ने उनके इलाज को जरूरी समझा। इसमें किसी बाहरी प्राधिकरण को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए था। ममता बनर्जी के मानना है कि किसी बाहरी इंसान के कहने पर अभिषेक का इलाज नहीं किया जा रहा है।
ममता बनर्जी ने बताया कि डॉक्टरों ने जांच के दौरान अभिषेक के शरीर पर कई चोटें पाई गई। डॉक्टरों के अनुसार, अभिषेक के चेहरे, पीठ, छाती और गर्दन पर कई कुंद चोटें (ब्लंट इंजरी) लगी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि फ्रैक्चर की संभावना और इंटरनल ब्लीडिंग की संभावना के लिए एक्स-रे करने की भी सलाह दी गई थी।
ममता बनर्जी ने दावा किया कि अगर उनके सिर पर हेलमेट नहीं होता, तो परिणाम और भयंकर हो सकते थे। पत्थरबाजी के कारण अभिषेक की छाती और पसली में चोटें आईं है। अगर हेलमेट न होता तो उसकी जान भी जा सकती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टरों पर इलाज को लेकर दबाव बनाया जा रहा हैं।