(फोटो सोर्स सोशल मीडिया)  
पश्चिम बंगाल

120 की रफ्तार से गुजरेगा तूफान, एलर्ट मोड पर कोस्ट गार्ड, हेलीकॉप्टर और जहाज किए तैनात

IMD के मुताबिक चक्रवाती तूफान के 25 अक्टूबर की सुबह पुरी और सागर द्वीप के बीच ओडिशा और पश्चिम बंगाल तट पार करने की आशंका है। इस दौरान यह तूफान 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरेगा।

रीना पंवार

कोलकाता : बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के कारण यहां चक्रवाती तूफान भीषण रूप ले रहा है। इस चक्रवाती तूफान के कारण आने वाले दिनों में यहां भारी बारिश हो सकती है जिसे लेकर भारतीय तटरक्षक बल समेत बंगाल और ओडिशा सरकार ने किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयारियां कर ली हैं। आपात स्थितियों से निपटने के लिए यहां भारतीय तटरक्षक बल ने अपने जहाजों और विमानों को तैनात कर दिया है। इसके अलावा NDRF ने दोनों राज्यों में टीमों की तैनाती की है।

NDRF ने पश्चिम बंगाल में 14 और ओडिशा में 11 टीमों की तैनाती की है। इसके अलावा कोस्ट गार्ड ने मछुआरों और नाविकों को अभी समंदर में न जाने की सलाह दी है। लोगों को भी तटरेखा से दूर रहने के लिए कहा गया है। इससे पहले भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने कम दबाव के क्षेत्र के चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की भविष्यवाणी की थी।

120 की रफ्तार से गुजरेगा तूफान

IMD के मुताबिक इस चक्रवाती तूफान के 25 अक्टूबर की सुबह पुरी और सागर द्वीप के बीच ओडिशा और पश्चिम बंगाल तट पार करने की आशंका है। इस दौरान यह तूफान 120 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गुजरेगा। ICG ने मंगलवार को दिए अपने बयान में कहा कि चक्रवाती तूफान की आशंका के मद्देनजर आपात परिस्ठितियों से निपटने के लिए उसने अपने जहाजों तथा विमानों को रणनीतिक रूप से तैयार कर लिया है। आईसीजी अत्यधिक सतर्क है और उसके समर्पित कर्मी तथा संसाधन सहायता, बचाव एवं राहत उपलब्ध कराने के लिए तैयार हैं।

हेलीकॉप्टर और रिमोट ऑपरेटिंग स्टेशन भी तैनात

इसके लिए ICG के कर्मी पश्चिम बंगाल तथा ओडिशा में स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन प्राधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। इसके साथ ही मछुआरों और नाविकों को मौसम चेतावनी और सुरक्षा संबंधी परामर्श जारी करने के लिए पश्चिम बंगाल के हल्दिया और ओडिशा के पारादीप में कोस्ट गार्ड ने हेलीकॉप्टर और रिमोट ऑपरेटिंग स्टेशन भी तैनात किए हैं। हालातों को देखते हुए मछुआरों को चक्रवात के गुजरने तक समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गयी है। सभी लोगों को तटरेखा से दूर रहने के लिए कहा गया है। वहीं NDRF ने भी आपात परिस्ठितियों से निपटने के लिए पश्चिम बंगाल में अब तक नौ दलों को तैनात किया है।

(एजेंसी इनपुट के साथ)

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