Mamata Banerjee Fake Signature Case: विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर मामले में CID की जांच अब पूर्व मुख्यमंत्री और TMC मुखिया ममता बनर्जी तक पहुंच गई है। मंगलवार को सीआईडी की टीम कोलकाता के कालीघाट स्थित ममता बनर्जी के आवास के निकट स्थित तृणमूल कांग्रेस पार्टी के कार्यालय में छापेमारी और तलाशी के लिए पहुंची। हालांकि, पार्टी कार्यालय के प्रवेश द्वार पर तृणमूल कांग्रेस के पूर्व राज्यसभा सदस्य सुभाषिश चक्रवर्ती ने सीआईडी टीम को रोक दिया।
सीआईडी अधिकारियों के वहां पहुंचते ही सुभाषिश चक्रवर्ती के साथ उनकी बहस भी हुई। पार्टी नेता ने CID की टीम से कहा कि ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी दोनों ही इस समय कोलकाता में नहीं हैं, इसलिए वे सीआईडी अधिकारी को परिसर में प्रवेश नहीं करने देंगे। सीआईडी अधिकारी बताया कि वे जांचकर्ता हैं और उनकी अनुमति का इंतजार करने के बजाय कानूनी प्रावधानों के अनुसार अपनी निर्धारित कार्रवाई करने आए हैं, लेकिन पार्टी नेता सुभाषिश चक्रवर्ती की टीम से लगातार बहस होती रही।
सीआईडी अधिकारियों ने चक्रवर्ती से यह भी कहा कि वे अपना कर्तव्य निभाने आए हैं और वे उसे पूरा करेंगे। एक सीआईडी अधिकारी ने चक्रवर्ती से पूछा, क्या आप हमें अपना कर्तव्य निभाने से रोक रहे हैं? इस पर टीएमसी नेता ने कहा, मैं आपको रोक नहीं रहा हूं। चूंकि मैं स्वेच्छा से इस कार्यालय का कार्यभार संभाल रहा हूं, इसलिए मैंने आपको अपनी स्थिति से अवगत कराया और यह स्पष्ट किया कि मैं आपको अनुमति क्यों नहीं दे सकता?
TMC प्रमुख ममता बनर्जी के कालीघाट स्थित घर और पार्टी ऑफिस के बाहर TMC विधायक मदन मित्रा ने कहा, हमारी मुख्यमंत्री अभी देश की राजधानी में हैं। TMC प्रमुख ममता बनर्जी दिल्ली में हैं। हम सहयोग कर रहे हैं और CID टीम से गुज़ारिश करते हैं कि वे सही प्रोटोकॉल का पालन करें और हमें कुछ समय दें।
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बता दें, विधायकों के फर्जी हस्ताक्षर मामले में सीआईडी द्वारा अभिषेक बनर्जी को जारी किया गया यह लगातार तीसरा नोटिस है। जानकारी के मुताबिक, अभिषेक बनर्जी और ममता बनर्जी इस समय नई दिल्ली में हैं और दोनों ने सोमवार को विपक्षी इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक में भाग लिया था।