West Bengal Politics: पश्चिम बंगाल में इस साल मार्च-अप्रैल में होने वाले विधानसभा चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने तृणमूल कांग्रेस और ममता बनर्जी पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। नए साल के पहले दिन एएनआई को दिए एक इंटरव्यू में चौधरी ने कहा कि टीएमसी मतदाता सूची में गड़बड़ी कर रही है और चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रही है। उन्होंने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को वोट चोरी का हथियार करार दिया, जिसमें 58.2 लाख से ज्यादा मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं।
चौधरी का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उन्होंने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी, जिससे राजनीतिक गलियारों में अटकलें तेज हो गई हैं। उन्होंने ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे मसीहा बनने का नाटक करती हैं, लेकिन असल में बंगाल के लोगों के लिए मुसीबत बन गई हैं। चौधरी का दावा है कि टीएमसी नेता पहले मतदाताओं को डराते हैं और फिर उन्हें बचाकर मसीहा का रूप धारण करते हैं। इसमें ममता के भतीजे और टीएमसी के महासचिव अभिषेक बनर्जी भी शामिल हैं।
चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि पंचायत और नगरपालिका चुनावों में टीएमसी ने विरोधियों को मारकर या उनके नामांकन रद्द कराकर चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित किया। उन्होंने 2021 के पंचायत चुनावों में हुई 65 हत्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में भी इसी पैटर्न को दोहराया जा रहा है।
चौधरी की टिप्पणियां ऐसे समय में आई हैं जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तनाव चरम पर है। SIR प्रक्रिया को लेकर टीएमसी और चुनाव आयोग के बीच टकराव जारी है। टीएमसी का आरोप है कि भाजपा इस प्रक्रिया का इस्तेमाल मतदाताओं को डराने के लिए कर रही है, जबकि चौधरी ने टीएमसी को ही दोषी ठहराया। उन्होंने कहा कि 90-95 फीसदी बीएलओ सरकारी कर्मचारी होते हैं, जिससे टीएमसी के लिए उनके मैनेजमेंट में आसानी होती है।
चौधरी ने यह भी आरोप लगाया कि बंगाल में डिलीशन अन्य राज्यों की तुलना में कम है क्योंकि ममता बनर्जी खुद कह रही हैं कि वे केंद्रीय सरकार की मदद करेंगी, लेकिन असल में वोटरों को डराकर और बचाकर वोट हासिल करती हैं। भाजपा नेता प्रदीप भंडारी ने उनका यह वीडियो शेयर कर कई सवाल उठाए। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोसेट कर कहा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता अधिरंजन चौधरी कह रहे हैं "ममता बनर्जी वोटों की चोरी करती हैं"। बंगाल में जमीनी स्तर पर हर कोई जानता है कि टीएमसी का "महाजंगलराज" बंगाल के मतदाताओं को स्वतंत्र रूप से मतदान करने से रोकता है...कांग्रेस ने टीएमसी का पर्दाफाश किया।
चौधरी ने कहा कि पिछले महीने प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात के बाद उन्होंने बंगाली बोलने वालों पर हमलों का मुद्दा उठाया था, जिसे उन्होंने राजनीतिक एंगल से इनकार किया। लेकिन अब टीएमसी पर हमला बोलकर उन्होंने साफ कर दिया कि वे बंगाल में कांग्रेस की भूमिका को मजबूत करना चाहते हैं, भले ही पार्टी का वोट शेयर 2021 में मात्र तीन फीसदी रहा हो।
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चौधरी का रुख इंडिया गठबंधन में टीएमसी और कांग्रेस के बीच बढ़ते तनाव को दर्शाता है। ममता बनर्जी ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है, और चौधरी के बयान से यह सवाल उठता है कि क्या वे बंगाल में कांग्रेस की रणनीति बदलने की कोशिश कर रहे हैं। जबकि चौधरी ने राजनीतिक एंगल से इनकार किया है, उनके बयान बंगाल चुनाव से पहले कांग्रेस और टीएमसी के बीच खाई को और गहरा करते हैं।