Heart Attack Survivor : सोशल मीडिया पर इन दिनों एक उबर ड्राइवर की कहानी लोगों को भावुक करने के साथ-साथ प्रेरित भी कर रही है। वीडियो में बताया गया है कि बिहार के समस्तीपुर के रहने वाले यह शख्स कभी दिल्ली में अपने रिश्तेदार की फैक्ट्री में काम करते थे। पिछले साल उन्हें दिल का दौरा पड़ा, जिसके बाद उनकी जिंदगी पूरी तरह बदल गई।
वीडियो के अनुसार, बीमारी के बाद रिश्तेदारों ने यह कहते हुए उन्हें काम से हटा दिया कि अब वह पहले की तरह काम नहीं कर पाएंगे। हालांकि, उन्होंने हालात के आगे हार मानने के बजाय दोबारा अपने पैरों पर खड़े होने का फैसला किया और आज उबर ड्राइवर के रूप में काम कर रहे हैं।
वीडियो में ड्राइवर बताते हैं कि आर्थिक रूप से वह पूरी तरह कमजोर नहीं हैं। उनके पास करीब 80 लाख रुपये के दो फ्लैट हैं, जिनसे उन्हें हर महीने लगभग ₹80 हजार किराया मिलता है। इसके अलावा बिहार में उनकी अपनी संपत्ति भी है। बावजूद इसके, उन्होंने घर बैठने के बजाय काम करना चुना। उनका कहना है कि काम करने से उन्हें आत्मसम्मान और सक्रिय रहने की ताकत मिलती है।
उन्होंने यह भी बताया कि दोनों फ्लैट उन्होंने अपनी बेटियों के नाम कर रखे हैं। स्वास्थ्य को लेकर वह पूरी सावधानी बरतते हैं और हमेशा अपनी दवाइयां, डॉक्टर का पर्चा और पानी अपने साथ रखते हैं। वीडियो शेयर करने वाली आस्था सेठ ने उन्हें संघर्ष और आत्मनिर्भरता की मिसाल बताया है।
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस शख्स के जज्बे की जमकर तारीफ कर रहे हैं। कई यूजर्स ने लिखा कि मुश्किल परिस्थितियों के बावजूद उनका काम करते रहना प्रेरणादायक है। एक यूजर ने कमेंट किया, "बिहारी सर्वाइवर होते हैं।" दूसरे ने लिखा, "बिहारी कभी हार नहीं मानते।"
वहीं एक अन्य यूजर ने उन्हें जिम्मेदार और मेहनती इंसान बताया। हालांकि, वायरल वीडियो में किए गए व्यक्तिगत दावों, जैसे संपत्ति और किराये की आय, की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसके बावजूद यह कहानी लोगों को यह संदेश जरूर दे रही है कि आत्मसम्मान और काम करने की इच्छा कई बार आर्थिक जरूरत से भी बड़ी प्रेरणा बन जाती है।