Highlights
फाजिल्का की मंडी में लगा बाढ़ का पानी, अनाज बर्बाद हुआ
किसानों की बेबसी की तस्वीर लोगों को कर रही भावुक
अनाज की बोरियां बारिश की पानी में डूबी हुई है
किसानों ने प्रशासन पर लगाए आरोप, व्यवस्था की कमी की वजह से पानी लगा
Punjab Mandi Flooded: पंजाब और हरियाणा के किसानों और व्यापारियों पर मानसून की जबरदस्त मार पड़ी है। वहां के अनाज मंडियों में भारी बारिश के कारण पानी भर गया है। जिससे लाखों क्विंटल जमा धान को भारी नुकसान पहुंचा है। वहां की तस्वीरों में अनाज की बोरियां बारिश के पानी में डूबी हुई दिखाई दे रही हैं, जिससे स्थानीय किसानों में गुस्सा है। फाजिल्का में हाल की बारिश के बाद अनाज मंडी में पानी भर गया, जिससे बड़ी मात्रा में काटा गया अनाज भीगकर खराब हो गया। वहां मौजूद किसानों ने इस बर्बादी की मुख्य वजह पानी की निकासी की खराब व्यवस्था को बताया।
पंजाब के किसानों को बाढ़ की इस स्थिति से हरबार दो-चार होना पड़ाता है। इस समस्या को लेकर किसानों ने गहरी निराशा जताई है। किसानों की शिकायत है कि पानी निकलने की कोई जगह नहीं है, जिससे उन्हें बहुत नुकसान हुआ है। हजारों बोरियां खराब हो गई हैं। हालात देखकर लोगों की आंखों में आंसू आ जा रहे हैं। किसानों की शिकायत है कि यहां हमेशा बारिश होती है और पानी भर जाता है; अगर पानी निकल जाता, तो हालात इतने बुरे नहीं होते। छह महीने की कड़ी मेहनत के नुकसान पर किसान भावुक हो जा रहे हैं।
किसानों की शिकायत है कि पंजाब के कई अनाज मंडियों में यही हाल है। हरियाणा के अंबाला में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जहां बारिश का पानी स्थानीय अनाज मंडी में भर गया और धान की बोरियों के ढेर पानी में डूब गए। इलाके के किसानों का आरोप है कि यह नुकसान अधिकारियों की लापरवाही और पानी की निकासी व स्टोरेज की सुरक्षा के लिए सही इंतजाम न कर पाने की वजह से हुआ है। इस बीच, इस हफ्ते इलाके में मौसम का हाल खराब रहने की आशंका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग के अनुमान के मुताबिक, अंबाला में 15 अक्टूबर तक लगातार बारिश और आंधी-तूफान के साथ-साथ बिजली कड़कने और तेज जमीनी हवाएं चलने की संभावना है।
IMD ने इस इलाके के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है, जिसका मतलब है कि खराब मौसम बना रहेगा, जिससे पहले से ही गीले धान के स्टॉक को और खतरा हो सकता है। इसी तरह, फाजिल्का में भी आने वाले कुछ दिनों में आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बारिश या आंधी-तूफान की संभावना है, जिससे किसानों की अपनी उपज सुखाने और फसलों को हो रहे नुकसान को कम करने की कोशिशों में रुकावट आ सकती है।