Explainer: पूरा देश एथेनॉल से त्रस्त...फिर पंजाब के किसान क्यों कर रहे हैं खुलकर समर्थन? जानें क्या है कारण

E20 Fuel Policy: E20 फ्यूल को लेकर देशभर में बहस जारी है, लेकिन पंजाब के किसान इसे फायदे का सौदा मान रहे हैं। जानिए मक्के की खेती, एथेनॉल नीति और किसानों के समर्थन की पूरी कहानी।
Punjab Farmers Support Modi Govt E20 Fuel Policy
पंजाब के किसान कर रहे सरकार की E20 फ्यूल पॉलिसी का समर्थन (AI जनरेटेड इमेज)
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Punjab Farmers Support Modi Govt E20 Fuel Policy: देश में पिछले कुछ दिनों से E20 फ्यूल को लेकर सड़क से संसद तक मामला गरमाया हुआ है। केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने लोगों को भरोसा दिलाया है कि E20 फ्यूल से उनके वाहनों को किसी भी प्रकार का नुकसान नहीं होगा। इथेनॉल ब्लेंडेड फ्यूल न सिर्फ देश की ईंधन की कमी को पूरा करेगा, साथ ही इससे किसानों को भी फायदा मिलेगा। 

हालांकि सरकार की अपील के बाद भी सोशल मीडिया पर लोग दावा करते नजर आ रहे हैं कि E20 फ्यूल से उनकी गाड़ी की माइलेज कम हुई है। इसके अलावा सरकार की इथेनॉल ब्लेंडिंग की नीति को देश के किसानों का भी उतना साथ नहीं मिल रहा है। हालांकि पंजाब के किसान सरकार की इस नीति से काफी खुश हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि जहां देश के अधिकतर लोग इथेनॉल ब्लेंडिंग से नाराज हैं वहीं पंजाब के किसान इस नीति से इतना खुश क्यों हैं? 

E20 से पंजाब के किसान क्यों खुश हैं?

पंजाब में इस समय आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अरविंद केजरीवाल कई बार सरकार की इस नीति की आलोचना कर चुके हैं। हालांकि पंजाब का किसान वर्ग E20 का खुलकर समर्थन कर रहा है। दरअसल एथेनॉल बनाने के लिए  गन्ना और मक्का का इस्तेमाल होता है। ऐसे में पंजाब के किसानों ने गन्ने और मक्के की खेती बढ़ाई है और उन्हें इससे फायदा भी होने लगा है। 

Punjab Farmers Support E20 Fuel Policy
सरकार की एथेनॉल नीति के खिलाफ हैं अरविंद केजरीवाल (सोर्स- सोशल मीडिया)

किसानों ने सरकार की एथेनॉल नीति का समर्थन करते हुए तर्क दिया कि जब हर कोई यह चाहता है कि देश के अन्नदाता किसानों की आमदनी बढ़े तो फिर ऐसी नीति का विरोध क्यों किया जा रहा है जिससे सच में किसानों को फायदा मिल सकता है। किसानों ने कहा कि अगर  एथेनॉल नीति का विरोध होता है तो इसे सबसे ज्यादा नुकसान उन किसानों का होगा जो बेहतर मुनाफे की उम्मीद लगाकर मक्के की खेती कर रहे हैं। 

केजरीवाल और पंजाब सरकार की नीति में फर्क

सबसे दिलचस्प बात ये है कि एक ओर जहां अरविंद केजरीवाल सरकार की E20 फ्यूल की नीति का विरोध कर रहे हैं, वहीं पंजाब सरकार की राय केजरीवाल से अलग है। पंजाब सरकार खुद किसानों को मक्के की खेती शुरू करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। पंजाब सरकार की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक सरकार किसानों से मक्का एमएसपी पर खरीदेगी। एथेनॉल प्लांट बड़ी मात्रा में मक्का खरीद रहे हैं। इससे मक्के की कीमत में इजाफा हुआ है। जिससे छोटे किसानों को भी सीधा और अच्छा मुनाफा हो रहा है। 

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मक्के की खेती को प्रोत्साहित कर रही पंजाब सरकार (AI जनरेटेड इमेज)

इसके अलावा जो किसान मक्के की खेती करेंगे, उन्हें 17500 रुपये की नकद सहायता भी दी जाएगी। पंजाब सरकार ने तो किसानों से यह भी कहना शुरू कर दिया है कि वो उन्हें एथेनॉल बनाने वाली दूसरी फैक्ट्रियों के साथ जोड़ने का काम करेगी। अगर ऐसा होता है तो किसानों के लिए मक्का बेचना आसान हो जाएगा।  सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पंजाब में पिछले पांच सालों में मक्के की खेती का क्षेत्र जरूर कम हुआ है, लेकिन प्रति हेक्टेयर उत्पादन में पहले से वृद्धि हुई है। 

पंजाब में मक्के की खेती की स्थिति

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पंजाब में पिछले पांच साल में मक्के की खेती की स्थिति(AI जनरेटेड)

धान छोड़ मक्के की खेती करेंगे पंजाब के किसान?

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक पंजाब में फिलहाल 84 फीसदी कृषि भूमि पर धान और गेहूं की खेती होती है। क्योंकि पंजाब को देश की खाद्य सुरक्षा का एक बड़ा आधार माना जाता है, ऐसे में किसानों के लिए इन दोनों फसलों से आगे बढना मुश्किल होता है। लेकिन पिछले कुछ सालों में धान की खेती ने पंजाब की आर्थिक सेहत को नुकसान पहुंचाना शुरू कर दिया है। पंजाब में 97 फीसदी भूजल का इस्तेमाल सिर्फ सिंचाई में ही हो रहा है, इसमें भी किसान सबसे अधिक भूजल धान के खेत सिंचने के लिए करते हैं। 

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धान की खेती से पंजाब में हो सकती है भूजल की कमी (AI जनरेटेड इमेज)

राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) पहले ही चेतावनी दे चुकी है कि अगर पंजाब के किसान इसी प्रकार धान की खेती पर निर्भर रहे, तो आने वाले 17 सालों के अंदर पंजाब में भूजल का गंभीर संकट पैदा हो जाएगा। वर्तमान में सरकार एमएसपी पर ही पूरा धान खरीद लेती है, यही कारण है कि किसान धान की खेती करना बंद या नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि अब किसानों को मक्के ने अपनी ओर आकर्षित करना शुरू कर दिया है। इससे न केवल E20 फ्यूल बन रहा है बल्कि पंजाब के किसान भी मुनाफा कमा रहे हैं। 

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सरकार की बड़ी सफलता

2020-21 में देशभर के किसानों ने केंद्र सरकार की कृषि नीति के खिलाफ आंदोलन छेड़ दिया था। इस आंदोलन में पंजाब के किसानों ने अहम भूमिका निभाई थी। अब एक बार फिर पंजाब के किसान चर्चा में हैं। हालांकि 2020 में जहां कृषि कानून को लेकर केंद्र सरकार और किसान आमने-सामने थे, वहीं अब किसान सरकार के साथ खड़े नजर आ रहे हैं। इसे केंद्र सरकार की बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा सकता है।

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