8वें वेतन आयोग के सामने इस वक्त सिर्फ सैलरी बढ़ाने पेंशन DA हाइक या फिर एरियर की ही मांग नहीं है। फिटमेंट फैक्टर से लेकर भत्तों तक चर्चा हो रही है। लेकिन एक ऐसा मुद्दा है, जिस पर कर्मचारियों और पेंशनरों की नजर सबसे ज्यादा है।
क्या 8वें वेतन आयोग के जरिए OPS की वापसी का रास्ता खुलेगा? क्या NPS में शामिल कर्मचारियों को दोबारा पुरानी पेंशन का विकल्प मिलेगा? या फिर NPS और UPS के जरिए सरकार पेंशन सिस्टम को आगे बढ़ाने की तैयारी में है? और आखिर “OPS का The End” कहने की बात कितनी सही है?
सबसे पहले मौजूदा स्थिति साफ कर लेते हैं। 8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन 3 नवंबर 2025 को हुआ था और आयोग को अपनी रिपोर्ट देने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। आयोग की अध्यक्षता न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई कर रही हैं। अभी की स्थिति की बात करें तो फिलहाल आयोग कर्मचारी, पेंशनर और दूसरे संगठनों से सुझाव और मांगें ले रहा है।
वहीं दूसरी तरफ सितंबर में आयोग ने पुडुचेरी और चंडीगढ़ में बैठकें कीं। अब अक्टूबर में बेंगलुरु और मुंबई में भी आयोग की गतिविधियां जारी हैं। अब ऐसे में अगर आधिकारिक वेबसाइट को देखे तो जानकारी के मुताबिक 7-8 अक्टूबर को बेंगलुरु और 22-23 अक्टूबर को मुंबई का कार्यक्रम रखा गया है। यानी अभी आयोग की प्रक्रिया सिफारिशें तैयार करने के चरण में है। और इसी प्रक्रिया के दौरान OPS की मांग फिर से जोर पकड़ रही है। पूरी खबर जानने के लिए देखें वीडियो।