डिजाइन इमेज 
वीडियो

पहाड़ों पर ₹80 की पानी की बोतल का सच: क्या यह लूट है या मजबूरी? हकीकत जानकर दंग रह जाएंगे

Truth Of Expensive Water On Hills: पहाड़ों पर 80 रुपये की पानी की बोतल का सच, जानें क्यों केदारनाथ जैसे दुर्गम इलाकों में चीजें महंगी मिलती हैं और इसके पीछे मजदूरों का कितना संघर्ष छिपा है।

सजल रघुवंशी

Why Things Are Expensive On Mountains: अक्सर हम जब केदारनाथ या अन्य पहाड़ी इलाकों की यात्रा पर जाते हैं, तो वहां ₹20 की पानी की बोतल ₹80 से ₹100 में मिलने पर दुकानदार से बहस करने लगते हैं। लेकिन इस वीडियो में पहाड़ों की भौगोलिक चुनौतियों और सामान पहुंचाने की कठिन प्रक्रिया को दिखाया गया है। मैदानी इलाकों में जहाँ गाड़ियाँ आसानी से सामान पहुंचा देती हैं, वहीं पहाड़ों पर सड़कें न होने के कारण मजदूर अपनी पीठ पर 40-40 किलो वजन लादकर मीलों की खड़ी चढ़ाई चढ़ते हैं। एक मजदूर ने बताया कि वह नेपाल से आता है और एक बार ऊपर सामान ले जाने का भारी भाड़ा लेता है। दुकानदार को भी टेंट का किराया, लेबर का खर्चा और परिवहन की ऊंची दरें चुकानी पड़ती हैं, जिसके बाद उसे एक बोतल पर मात्र ₹10-20 का ही मुनाफा होता है। यह वीडियो हमें सिखाता है कि पहाड़ों पर हम केवल कीमत नहीं, बल्कि उस कठिन परिश्रम और जोखिम का मूल्य चुकाते हैं जो उस बोतल को वहां तक पहुंचाने में लगा है। तुलना करना आसान है, लेकिन परिस्थितियों को समझना ही सही मानवता है।

आज की ताजा खबर 19 अगस्त LIVE: एक क्लिक में पढ़ें दिन भर की सभी बड़ी खबरें

वंदे मातरम के शुरुआती दो पैरा ही गाएगी कांग्रेस, 1937 के उस फैसले की पूरी कहानी जानिए

सत्येंद्र जैन को न्यायिक हिरासत में भेजा गया, 25 अगस्त को मामले की सुनवाई करेगा राउज एवेन्यू कोर्ट

दिल्ली में CNG पंप पर ट्रक में ब्लास्ट से हड़कंप, अब तक 3 की मौत, कई लोग घायल

बिहार को मोदी कैबिनेट का बड़ा तोहफा! नेपाल सीमा तक कनेक्टिविटी होगी सुपरफास्ट, 4-लेन प्रोजक्ट को मिली मंजूरी