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VIDEO: दिल्ली ब्लास्ट पर महबूबा मुफ्ती के बयान से मचा सियासी घमासान, विरोध तेज

महबूबा मुफ्ती ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली के लाल किले के पास धमाका देश में बढ़ रही असुरक्षा के साथ जम्मू-कश्मीर को लेकर केंद्र की नीतियों की नाकामी को जाहिर करता है।

प्रतीक पाण्डेय

दिल्ली के लाल किले पर हुई उग्रवादी घटना पर महबूबा मुफ्ती के बयान को लेकर तीखी आलोचना हो रही है। आलोचकों का मानना है कि यदि वह ऐसी घटना पर बोलती हैं, तो यह उग्रवाद का समर्थन करने जैसा है, और उन्हें "उग्रवादियों की मां" तक कहा गया है। यह सवाल उठाया गया है कि क्या कश्मीर की आवाज उठाने के लिए देश में जगह-जगह बम विस्फोट किए जाएंगे? यह भी कहा गया कि धारा 370 हटने के बाद शांति बनी थी, लेकिन नेशनल कॉन्फ्रेंस और कांग्रेस जैसी पार्टियों की नीतियों पर चलते हुए कुछ लोगों को यह शांति रास नहीं आती।

महबूबा मुफ्ती देश के विरुद्ध चलने वाले लोगों के पक्ष में प्रयास कर रही हैं, जिसे पूरा भारतवर्ष बर्दाश्त नहीं करेगा। उनकी राजनीतिक स्थिति को लेकर भी दुविधा है, क्योंकि वह एक दिन बीजेपी के हक में बोलती हैं और अगले दिन खिलाफ। उन्होंने हाल ही में बड़गांव का चुनाव बीजेपी के साथ मिलकर लड़ा था। पीडीपी इस समय दुविधा में है और यह तय नहीं कर पा रही है कि जम्मू-कश्मीर में कौन सी लकीर खींचनी है। भारत की संप्रभुता और अखंडता सबकी जिम्मेदारी है, जिससे महबूबा मुफ्ती मुकर नहीं सकती हैं।

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