India UPI charge US pressure (डिजाइन फोटो)
वीडियो

क्या अमेरिकी दबाव में झुका भारत? यूपीआई पर चार्ज लगाने की चर्चाओं के बीच सरकार ने दिया बड़ा बयान- VIDEO

India UPI Charge: भारत में यूपीआई ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) यानी प्रोसेसिंग फीस लगाने की चर्चाओं के बीच अमेरिकी दबाव और भारत की डिजिटल पेमेंट नीति को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है।

मनोज आर्या

India UPI charge US pressure: भारत में यूपीआई (UPI) ट्रांजैक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) यानी प्रोसेसिंग फीस लगाने की चर्चाओं के बीच अमेरिकी दबाव और भारत की डिजिटल पेमेंट नीति को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) ने सरकार को सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि भारत को अमेरिकी दबाव में आकर अपनी यूपीआई नीति में कोई बदलाव नहीं करना चाहिए। दरअसल, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) की रिपोर्ट में लंबे समय से भारत के यूपीआई और रुपे डेबिट कार्ड के जीरो एमडीआर मॉडल पर सवाल उठाए जा रहे हैं, क्योंकि इससे वीजा और मास्टर कार्ड जैसे अमेरिकी ग्लोबल कार्ड नेटवर्क को तगड़ी प्रतिस्पर्धा मिल रही है। हालांकि, सरकार ने साफ किया है कि वर्तमान में यूपीआई पूरी तरह से फ्री है और पर्सन-टू-पर्सन (P2P) या सामान्य ट्रांजैक्शन पर कोई नया चार्ज लागू नहीं किया गया है। लेकिन भविष्य के लिए कानून में ऐसे बदलावों की राह खुली रखी गई है जिससे जरूरत पड़ने पर चुनिंदा इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट्स पर एमडीआर तय किया जा सके। जीटीआरआई का सुझाव है कि इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सिक्योरिटी की लागत निकालने के लिए आम जनता या छोटे दुकानदारों पर बोझ डालने के बजाय सरकार बजटीय सहायता दे सकती है या केवल बड़े टर्नओवर वाले कारोबारियों पर ही मामूली शुल्क लगा सकती है।

हेमंत का राहुल गांधी पर वार: बोले- खड़गे के बरामदे में ही पीएम बन सकते हैं राहुल, मॉक पार्लियामेंट पर कसा तंज!

How To File Online FIR: पुलिस स्टेशन गए बिना ऑनलाइन FIR कैसे दर्ज करें? जानें Step By Step पूरा प्रोसेस

प्रदर्शन के नाम पर कब्जा नहीं कर सकते...जंतर-मंतर प्रोटेस्ट पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- तय हो समय और जगह

PIB Fact Check: क्या सच में PM मोदी दे रहे सभी को 8,000 रुपए का दिवाली बोनस, जानें इसके पीछे का खेला

2014 से पहले सिर्फ 5 शहरों में थी मेट्रो, पुणे पिंक लाइन के उद्घाटन समारोह से PM मोदी का कांग्रेस पर बड़ा हमला