Anil Khosla Interview: दिल्ली के भारत मंडपम में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन 2026 का रविवार को दूसरा और अंतिम दिन है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज ब्रिक्स समिट में शामिल विदेशी मेहमानों के साथ फैमिली फोटो ली और उन्हें संबोधित किया। ब्रिक्स समिट को लेकर पूर्व एयर मार्शल और डिफेंस एंड फॉरेन एक्सपर्ट अनिल खोसला ने नवभारत के साथ खास बातचीत की। डिफेंस एक्सपर्ट अनिल खोसला ने बताया कि रूस के राष्ट्रपति पुतिन का भारत दौरा कई मायनों में अहम है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और इस दौरान ब्रिक्स को लेकर भी काफी चर्चा हुई।
आमतौर पर पश्चिमी देशों, खासकर अमेरिका की ओर से यह धारणा सामने आती है कि ब्रिक्स का एजेंडा एंटी-वेस्टर्न है। लेकिन मेरे विचार से यह धारणा सही नहीं है। ब्रिक्स मूल रूप से ग्लोबल साउथ के लिए एक वैकल्पिक मंच है, जहां विकासशील देशों से जुड़े मुद्दों और उनकी समस्याओं पर चर्चा की जाती है। इसके चार्टर या एजेंडे को एंटी-वेस्टर्न कहना सही नहीं होगा। आज दुनिया जिस दौर से गुजर रही है, उसमें भू-राजनीतिक बदलाव तेजी से हो रहे हैं। जो दुनिया पहले एकध्रुवीय थी और जहां अमेरिका का वर्चस्व माना जाता था, वह अब धीरे-धीरे बहुध्रुवीय व्यवस्था की ओर बढ़ रही है। अलग-अलग क्षेत्रों में नए शक्ति केंद्र और क्षेत्रीय समूह उभर रहे हैं। इस वीडियो में देखिए पूर्व एयर मार्शल और डिफेंस एक्सपर्ट अनिल खोसला का नवभारत के साथ एक्सक्लूसिव इंटरव्यू।