केदारनाथ में आई प्रलय के बाद का मंजर (सोर्स- सोशल मीडिया) 
उत्तराखण्ड

जब 'पहाड़ी प्रलय' खा गई थी 5000 जिंदगियां! उत्तरकाशी की त्रासदी ने ताजा किया तबाही का मंजर

Dharali Cloud Burst: उत्तरकाशी में हुई जल त्रासदी ने एक बार फिर केदारनाथ त्रासदी की याद दिला दी है। वर्ष 2013 में उत्तराखंड के चमोली ज़िले के केदारनाथ में बादल फटने से ख़तरनाक बाढ़ और भूस्खलन आया था।

अभिषेक सिंह

Uttarkashi Cloud Burst: उत्तराखंड का उत्तरकाशी मंगलवार को एक भयावह हादसे का गवाह बना। यहां मंगलवार को गंगोत्री धाम और मुखवा के पास स्थित धराली बाजार के पास बादल फटने से एक नाला उफान पर आ गया। नाले का पानी मलबे के साथ पहाड़ों से बहकर निचले इलाकों में इतनी तेजी से आया पूरा कस्बा तबाह कर गया।

घटना की जानकारी देते हुए उत्तरकाशी के डीएम प्रशांत आर्य ने बताया है कि हादसे में अब तक चार लोगों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 50 से ज्यादा लोगों के लापता होने की आशंका है। इस डरावने हादसे में भारी आर्थिक नुकसान भी हुआ है। इस घटना ने 12 साल पहले हुई केदारनाथ त्रासदी के ज़ख्मों को एक बार फिर ताज़ा कर दिया है।

ताजा हो गईं 12 साल पुरानी यादें

उत्तरकाशी में हुई जल त्रासदी ने एक बार फिर केदारनाथ त्रासदी की याद दिला दी है। वर्ष 2013 में उत्तराखंड के चमोली ज़िले के केदारनाथ में बादल फटने से ख़तरनाक बाढ़ और भूस्खलन आया था। इसमें हज़ारों लोगों की जान चली गई थी।

2013 में चमोली में क्या हुआ था?

16 और 17 जून 2013 को यहां बादल फटने और भारी बारिश के कारण चोराबाड़ी झील से पानी आया, जिससे मंदाकिनी नदी में बाढ़ आ गई। इस भीषण त्रासदी में केदारनाथ मंदिर के आसपास का इलाका तबाह हो गया था।

2013 में आई तबाही के बाद की तस्वीर (सोर्स- सोशल मीडिया)

काल के गाल में समा गए 5000 लोग!

इस हृदयविदारक घटना में केदारनाथ मंदिर को छोड़कर धाम का तकरीबन 80 प्रतिशत हिस्सा तबाह हो गया। कई गांव के गांव और कस्बे के कस्बे पूरी तरह से मिट गए। मीडिया रिपोर्ट्स में इस प्रलय में 5000 से ज़्यादा लोगों के मारे जाने की ख़बर है।

वहीं, सिर्फ़ आधिकारिक आंकड़ों की बात करें, तो इस भीषण आपदा में लगभग 4400 लोग मारे गए थे। जबकि अलग-अलग जगहों पर 991 स्थानीय लोग मारे गए थे। इसके अलावा, तलाशी अभियान में 55 कंकाल मिले, जबकि 11 हज़ार से ज़्यादा जानवर भी इस आपदा में मारे गए थे। 30 हज़ार से ज़्यादा को बचा लिया गया था।

काला अध्याय बन गई केदारनाथ त्रासदी

बाढ़ और भूस्खलन में हज़ारों लोग बह गए और कई शव बरामद नहीं हो सके। इस आपदा के बाद केदारनाथ मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया और आसपास के इलाके का भी जीर्णोद्धार किया गया। हालांकि, 2013 की यह त्रासदी केदारनाथ के इतिहास का एक काला अध्याय बन गई।

CM धामी और पीएम मोदी ने लिया संज्ञान

उत्तरकाशी में प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है। जिसमें सेना भी युद्धस्तर पर काम कर रही है। राज्य के सीएम पुष्कर सिंह धामी घटना पर पूरी नजर बनाए हुए हैं। वहीं, पीएम मोदी ने भी घटना का संज्ञान लेते हुए सीएम धामी से बातचीत की है।

20 अगस्त के घेराव से पहले झारखंड में हड़कंप! छात्रों के गुस्से को देख कांग्रेस ने बुलाई बैठक, तय होगी रणनीति

UGC NET जून 2026 में बड़ी गड़बड़ी! इन 3 विषयों की परीक्षा होगी दोबारा, NTA ने जारी किया बड़ा अपडेट

Vande Mataram Controversy: साध्वी प्राची का कांग्रेस पर हमला, बोली- गांधी परिवार के डीएनए में जिन्ना का DNA

आज की ताजा खबर 16 अगस्त LIVE: वाराणसी एयरपोर्ट पर चली गोलियां; बंगाल में आशीष बनर्जी ने की आत्महत्या

ISI कनेक्शन और बड़ी साजिश! सुखबीर बादल पर हमलों को लेकर भड़कीं हरसिमरत, गृहमंत्री से की NIA जांच की मांग