भूस्खलन के बाद का मलबा (Image- Social Media) 
उत्तराखण्ड

रुद्रप्रयाग और चमोली में कुदरत का कहर, बादल फटने के बाद दरके पहाड़- देखें VIDEO

Uttarakhand Landslide News: उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश हो रही है. इसके चलते तबाही की स्थिति बनी हुई है। अब रुद्रप्रयाग के केदारघाटी में बादल फट गया। इससे घर और वाहन मलबे में दब गए।

अर्पित शुक्ला

Rudraprayag Cloud Burst: उत्तराखंड के कई इलाकों में जोरदार बारिश हो रही है। सूबे के पहाड़ी जिलों में तो कई जगहों पर भारी बारिश के बाद जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो रखा है। रुद्रप्रयाग जिले में भी बारिश से तबाही मची हुई है। भारी बारिश की वजह से देर रात केदारघाटी में बादल फट गया। इससे इलाके में तबाही मच गई। कई घर और वाहन भी इस मलबे में दब गए।

बता दें कि रुद्रप्रयाग जिले में कल रात से हो रही मूसलधार बारिश ने तबाही मचा दी है। बीती रात रुमसी गांव के ऊपर बादल फटने से बेडुबगड़ क्षेत्र सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। बादल फटने से आवासीय भवनों में मलबा घुस गया तथा आधा दर्जन से अधिक वाहन भी इस मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों का कहना है कि सुबह 8 बजे तक भी कोई रेस्क्यू टीम मौके पर नहीं पहुंची थी, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश था। हालांकि अभी तक जनहानि की कोई सूचना नहीं है, लेकिन कई परिवारों को अपना घर छोड़कर सुरक्षित जगह जाना पड़ा।

केदारनाथ यात्रा प्रभावित

केदारनाथ यात्रा मार्ग पर भी इस तेज बारिश का असर देखने को मिला है। गौरीकुंड के पास देर रात पहाड़ी दरकने से बड़े-बड़े बोल्डर पैदल मार्ग पर आ गिरे, जिससे केदारनाथ की तरफ जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद हो गया है।

सभी श्रद्धालुओं को पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर रोक दिया है और किसी भी तरह की यात्रा को तत्काल प्रभाव से रोक दिया गया है। मलबा हटाने और रास्ता खोलने का काम शुरू हो गया है।

विष्णुप्रयाग के पास भूस्खलन

चमोली जिले में भी विष्णुप्रयाग क्षेत्र भूस्खलन की चपेट में आ गया। इससे यहां पर कुछ दुकानों और मुख्य सड़क को गंभीर खतरा उत्पन्न हो गया है। भारी बारिश और अलकनंदा नदी के बढ़ते बहाव से लगातार कटाव हो रहा है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।

अलकनंदा नदी ने बढ़ाया खतरा

नदी के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने स्थानीय लोगों से नदी किनारे न जाने की अपील की है, साथ ही जोखिम वाले क्षेत्रों में चेतावनी जारी की गई है। एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें संभावित राहत कार्यों के लिए तैनात कर दी गई हैं।

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