केदारनाथ धाम (सोर्स- सोशल मीडिया) 
उत्तराखण्ड

हर हर महादेव की गूंज के साथ खुले केदारनाथ के कपाट, PM मोदी के लिए की गई विशेष पूजा, मोबाइल पर लगा बैन

Kedarnath Dham News: केदारनाथ धाम के कपाट को आज सुबह 8 बजे श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। मंदिर में CM धामी ने पहली पूजा की, वहीं मंदिर के अंदर मोबाइल और रील पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है।

अक्षय साहू

Kedarnath Dham Yatra 2026: केदारनाथ धाम (Kedarnath Dham) के कपाट आज सुबह 8 बजे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलने से पहले पूरे धाम को अत्यंत भव्य तरीके से सजाया गया था। करीब 51 क्विंटल फूलों से मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र को सजाया गया, जिससे पूरा वातावरण आध्यात्मिक और दिव्य आभा से भर गया।  कपाट खुलने के इस पावन अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे। उन्होंने परंपरा के अनुसार पूजा-अर्चना की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से विशेष प्रार्थना भी की। इस दौरान कड़ाके की ठंड के बावजूद हजारों की संख्या में श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचे और हर-हर महादेव के जयघोष से पूरा क्षेत्र गूंज उठा। अब अगले लगभग छह महीनों तक, यानी 22 अप्रैल से नवंबर तक, केदारनाथ धाम (Kedarnath Dham)  के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुले रहेंगे।

PM मोदी ने ट्वीट कर जताई खुशी

कपाट खुलने के मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर संदेश साझा किया। उन्होंने लिखा कि देवभूमि उत्तराखंड में स्थित केदारनाथ धाम (Kedarnath Dham) के कपाट विधि-विधान से खुलना आस्था, एकता और भारत की सनातन परंपरा का दिव्य उत्सव है। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा न केवल धार्मिक यात्रा है, बल्कि यह भारतीय संस्कृति की गहराई और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक भी है। पीएम मोदी ने सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित और सफल यात्रा की कामना करते हुए बाबा केदार से सभी पर कृपा बनाए रखने की प्रार्थना की।

कपाट खुलने के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी मंदिर में पूजा-अर्चना की और श्रद्धालुओं से अपील की कि वे यात्रा के दौरान स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने चारधाम यात्रा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की हैं, लेकिन श्रद्धालुओं का सहयोग भी उतना ही जरूरी है ताकि यात्रा सुचारु और सुरक्षित बनी रहे।

मंदिर प्रशासन ने फोन चलाने पर लगाया प्रतिबंध

इस बीच, केदारनाथ धाम की पवित्रता और व्यवस्था को बनाए रखने के लिए मंदिर प्रशासन ने एक अहम फैसला लिया है। अब मंदिर परिसर में मोबाइल फोन का इस्तेमाल पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। श्रद्धालु मंदिर के अंदर न तो फोटो खींच सकेंगे, न वीडियो बना सकेंगे और न ही रील रिकॉर्ड कर सकेंगे। मंदिर समिति के अनुसार यह निर्णय इसलिए लिया गया है ताकि मंदिर का आध्यात्मिक वातावरण बना रहे और दर्शन व्यवस्था बाधित न हो। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।

मंदिर समिति के सदस्य विनीत पोस्टी ने बताया कि यह कदम श्रद्धालुओं के अनुभव को अधिक शांतिपूर्ण और आध्यात्मिक बनाने के लिए उठाया गया है। उन्होंने कहा कि सभी यात्रियों को दिशा-निर्देशों का पालन करना चाहिए और प्रशासन के साथ सहयोग करना चाहिए ताकि किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

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