बद्रीनाथ मंदिर (सौजन्य-IANS) 
उत्तराखण्ड

बद्रीनाथ दान घोटाला: जांच का सबसे बड़ा सबूत गायब, 32 दिन की CCTV फुटेज डिलीट, SIT की रिपोर्ट से मचा हड़कंप

Badrinath Temple Donation Scam: बद्रीनाथ मंदिर घोटाला मामले में 32 दिनों का अहम CCTV फुटेज गायब होने का बड़ा खुलासा हुआ है। SIT की 18 पन्नों की रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ।

प्रिया जैस

Badrinath Temple CCTV Footage Missing: उत्तराखंड के बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा और दान राशि में कथित हेराफेरी मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। दान चढ़ावा मामले को लेकर अब दावा किया गया है कि जांच के लिए बेहद अहम सबूत मानी जा रही 32 दिन की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग गायब है। सीसीटीवी फुटेज के अचानक गायब होने से हंगामा मच गया है।

बद्रीनाथ धाम के दान प्रकरण में पहले 45 दिन की फुटेज सुरक्षित होने का दावा किया गया था। सूत्रों ने बताया है कि अभी जब एसआईटी की टीम 32 दिनों की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग की जांच करने में जुटी तो उन्हें रिकॉर्डिंग नहीं मिली। सूत्रों ने यह भी दावा किया है कि डिलीट हुई सीसीटीवी फुटेज को वापस लाने के लिए तकनीकी टीमों को बुलाया गया है उसे रिकवर करने की कोशिश की जा रही हैं।

एसआईटी ने सीईओ को सौंपी जांच रिपोर्ट

इससे पहले, एसआईटी की रिपोर्ट में बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे और दान में कई बार चोरी होने का दावा किया गया। एसआईटी ने पिछले दिनों अपनी जांच पूरी कर रिपोर्ट सीईओ को सौंपी। सूत्रों ने बताया कि 4 सदस्यीय जांच टीम ने 18 पन्नों की रिपोर्ट में विस्तार से पूरी घटना और अपनी जांच का ब्योरा दिया।

सूत्रों के अनुसार, जांच टीम को घटना के दिन 2 जुलाई से सिर्फ 14 दिन पहले तक के ही फुटेज ही मिल पाए। पूर्व में लगे सीसीटीवी कैमरे से अधिक अच्छी क्वालिटी के न होने के कारण इनकी स्टोरेज क्षमता मात्र 15 दिनों की ही है। 2 जुलाई को कथित आरोपी पैसों में हेराफेरी करते हुए दिखाई दे रहा है। 14 दिन पूर्व के कुछ फुटेज के कई भाग भी जांच टीम को महत्वपूर्ण लगे हैं।

आरोपी प्रमोद नौटियाल कोर्ट में पेश

बद्रीनाथ मंदिर में दान की रकम चोरी होने के मामले में, उत्तराखंड पुलिस के मुताबिक, आरोपी प्रमोद नौटियाल का पता लगाने के लिए कई टीमें बनाई गई थीं। उसे देहरादून में ढूंढ़ निकाला गया, जिसके बाद SIT की एक टीम को मौके पर भेजा गया और कल रात 9:45 से 10:15 बजे के बीच उसे गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी को आज गोपेश्वर कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां SIT उसकी पुलिस कस्टडी की मांग करेगी।

प्रमोद नौटियाल ने बिना इजाजत मंदिर से निकाला फंड

बद्रीनाथ धाम के चढ़ावे में कथित तौर पर हेराफेरी का मामला एक-दो जुलाई को सामने आया था। शुरुआती जांच में कथित तौर पर ऐसे सबूत मिले, जिनसे पता चला कि श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष कार्यालय में तैनात व्यक्तिगत सहायक प्रमोद नौटियाल ने बिना इजाजत मंदिर का फंड निकाला था।

श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति ने 7 जुलाई को अनुशासन और प्रशासनिक पारदर्शिता बनाए रखने के उद्देश्य से बड़ी कार्रवाई की। प्रमोद नौटियाल को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई। इसके साथ ही, समिति ने मामले की निष्पक्ष जांच के लिए पहले ही चार सदस्यीय जांच समिति का गठन किया था।

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