उत्तराखंड के बहुचर्चित अंकिता भंडारी मर्डर में आज यानी 30 मई को कोटद्वार की अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया। दो साल से अधिक समय से लंबित इस केस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई थीं। आरोप है कि इस केस में आरोपियों को VIP संरक्षण मिला हुआ है, जिससे 32 महीने से केस अटका हुआ था। अब तीनों आरोपियों को दोषी करार दिया गया है।
ऋषिकेश के निकट पौड़ी जिले के गंगा भोगपुर क्षेत्र में वनंत्रा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के रूप में काम करने वाली 19 वर्षीय अंकिता की सितंबर में रिजॉर्ट संचालक पुलकित आर्य ने अपने दो कर्मचारियों, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता के साथ मिलकर चीला नहर में कथित तौर पर धक्का देकर हत्या कर दी थी। पूछताछ में सामने आया कि कथित तौर पर किसी वीआईपी को ‘एक्सट्रा सर्विस’ देने से मना करने पर अंकिता की हत्या की गयी। हत्या से उपजे जनाक्रोश के बाद राज्य सरकार ने मामले की जांच के लिए पुलिस उपमहानिरीक्षक पी रेणुका देवी के नेतृत्व में विशेष जांच दल (एसआइटी) का गठन किया था।