देहरादून : जहां एक तरफ उत्तराखंड के पर्वतीय इलाकों में फिलहाल लगातार हो रही बर्फबारी के कारण मानों कर्फ्यू जैसी स्थित है। वहीं इस बर्फबारी के चलते कई मार्ग बंद हो गए हैं। इसके साथ ही सड़कों पर कई किमी तक बर्फ ही बर्फ दिख रही है। जिससे जन-जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। वहीं आज भी उत्तराखंड के कई जिलों में बारिश के आसार हैं। इसके बाद तीन और चार मार्च को भी मौसम खराब रहने की संभावना है।
इन सबके बीच उत्तराखंड के चमोली में बीते 28 फरवरी को सुबह 7:15 बजे आए एवलांच से बीती रात 8 बजे सा आज शनिवार सुबह तक 47 लोगों का रेस्क्यू कर लिया गया। आज 14 लोगों को आज सुबह निकाला गया। वहीं 8 लोगों की तलाश जारी है। वहीं आज उत्तराखंड के सीएम पुष्कर सिंह धामी भी ग्राउंड जीरो पहुंचे और घायल BRO के श्रमिकों से मुलाकात की, जिन्हें माणा हिमस्खलन स्थल से बचाया गया और उन्हें सेना अस्पताल में इलाज के लिए जोशीमठ लाया जा रहा है। इसके पहले आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने चमोली के माणा में हिमस्खलन से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण भी किया।
इसके साथ ही जोशीमठ में सीएम पुष्कर सिंह धामी ने सेना के जवानों और अधिकारियों से मुलाकात की और बचाव और राहत अभियान की जानकारी ली। इस बाबत CM पुष्कर सिंह धामी ने कहा, "सभी को बचाया जा रहा है। सेना, NDRF, ITBP, जिला प्रशासन, आपदा प्रशासन सभी लोग बचाव कार्य में लगे हुए हैं। यहां पर बर्फबारी हुई है सभी मार्ग बंद हैं।हमारा प्रयास है कि जो शेष लोग बच गए हैं उन्हें जल्द से जल्द बाहर निकाला जाए। जिन14 लोगों को जोशीमठ लाया गया है वे सभी सुरक्षित हैं।"
जानकारी दें कि, चमोली के माणा और बदरीनाथ के बीच में स्थित BRO के मजदूरों के कैंप पर करीब सवा सात बजे हिमस्खलन हुआ था जिससे मजदूर बर्फ में दब गए थे। वहीं इस घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस, सेना, सीमा सड़क संगठन, भारतीय तिब्बत सीमा पुलिस, राज्य आपदा प्रतिवादन बल और आपदा प्रबंधन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचे तथा बचाव और राहत कार्य शुरू किया । आज खराब मौसम और लगातार बर्फबारी के कारण मौके पर बचाव एवं राहत कार्य चलाने में मुश्किलें आ रही हैं । हांलांकि, घटना में अभी किसी की मृत्यु होने की सूचना नहीं मिली है ।