Highlights:
योगी आदित्यनाथ ने दी अखिलेश यादव को चुनौती
अखिलेश अयोध्या आएं तो वह लड़ने को तैयार
अब अखिलेश यादव को देना है इस पर जवाब
ऐसे बड़बोलेपन से कहीं फंस न जाएं अखिलेश
Yogi Adityanath Challenges Akhilesh Yadav: उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर गरमाहट बढ़ गई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती को खुले तौर पर स्वीकार करते हुए सियासी पारे को सातवें आसमान पर पहुंचा दिया है। बलरामपुर की धरती से सीएम योगी ने अखिलेश यादव को सीधी लड़ाई की ललकार दी है। योगी के जवाब के बाद अब अखिलेश यादव के जवाब का इंतजार है।
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव अक्सर अयोध्या में लोकसभा चुनाव जीतने के बाद भाजपा के जनाधार पर सवालिया निशान लगाते हैं और अयोध्या को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को ललकारते रहते हैं, लेकिन अबकी बार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सीधा-सीधा जवाब देकर अखिलेश यादव की बोलती बंद करने की कोशिश दी है।
वरिष्ठ पत्रकार एस. हनुमंतराव कहते हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ अक्सर अखिलेश यादव के ऐसे बयानों पर रिक्शन देने से बचने की कोशिश की है, लेकिन अयोध्या को लेकर दी गयी ललकार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गंभीरता से लिया है और अपने काम के दम पर अखिलेश यादव को पलटकर जवाब दिया है और उनसे सीधा मुकाबला करने की बात कही है। अब अखिलेश यादव को सोच में पड़ गए हैं कि इसका क्या जवाब दें। अब तो पत्रकार भी अखिलेश यादव से ऐसे सवाल जरुर पूछेंगे..आने वाले एक दो दिन ये खबर सुर्खियों में रहेगी। ऐसा लगता है कि अपने बड़बोलेपन से सपा मुखिया फंस गए हैं।
आपको बता दें कि बलरामपुर में शनिवार को 803 करोड़ रुपये की लागत से तैयार 78 विकास परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ काफी आक्रामक अंदाज में नजर आए। उन्होंने मंच से अखिलेश यादव की चुनौती का जवाब देते हुए स्पष्ट किया कि अगर सपा प्रमुख में दम है, तो वे खुद मैदान में उतरकर दिखाएं। वो अयोध्या में अखिलेश यादव से दो-दो हाथ करने को तैयार हैं।
बलरामपुर में जनसभा को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने दो टूक शब्दों में कहा कि अखिलेश यादव आएं और अयोध्या से अपना नामांकन दाखिल करें, वे भी वहीं से अपना पर्चा भरेंगे। किस्मत आजमा लेते हैं लेकिन इस बार लड़ाई चेले-चपाटों से नहीं, बल्कि आमने-सामने और सीधी होगी।
सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा कि सपा के बबुआ बौखला गए हैं। वे कहते हैं कि मैं अयोध्या से चुनाव लड़ूं, तो हम उनकी इस चुनौती को सहर्ष स्वीकार करते हैं, बशर्ते वे खुद अयोध्या से अपना नामांकन करें। उन्होंने सवाल उठाया कि जिनकी हिम्मत नहीं है और जो माफिया की कब्र पर फातिहा पढ़ने जाते हैं, वे भला हमसे क्या मुकाबला कर पाएंगे।
सपा के चर्चित 'पीडीए' (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) नारे पर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री ने इसे प्रदेश के विकास के लिए नुकसानदेह बताया। उन्होंने इसे प्रदेश को डुबाने वाला अलायंस करार दिया। इसके साथ ही उन्होंने अयोध्या को लेकर अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। सीएम योगी ने कहा कि अयोध्या उनके लिए महज एक राजनीतिक क्षेत्र नहीं, बल्कि अटूट आस्था का केंद्र है। वे वहां किसी राजनीति के लिए नहीं जाते, बल्कि उसके सर्वांगीण और ऐतिहासिक विकास के लिए समर्पित हैं।
सपा और कांग्रेस दोनों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस तरह से देश और प्रदेश से आतंकवाद व नक्सलवाद का सफाया किया गया है, ठीक उसी तरह राष्ट्रविरोधी ताकतों का भी नामोनिशान मिटा दिया जाएगा। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और विजन से देश लगातार आगे बढ़ रहा है। साल 2027 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी और NDA गठबंधन प्रदेश की 80 फीसदी सीटों पर ऐतिहासिक जीत दर्ज करेगा।
सीएम योगी के इस कड़े तेवर और सीधे मुकाबले की ललकार के बाद अब पूरी राजनीतिक बिसात बिछ चुकी है। देखना यह होगा कि क्या अखिलेश यादव सीएम योगी की इस सीधी चुनौती को स्वीकार कर अयोध्या से ताल ठोकते हैं या योगी के बयान से कन्नी काटकर कोई और दलील पेश करते हैं।