वाराणसी पुलिस  (सोर्स- नवभारत लाइव)
वाराणसी

लोलार्क षष्ठी पर्व को लेकर वाराणसी पुलिस अलर्ट, पुलिस आयुक्त ने लोलार्क कुंड का किया निरीक्षण

Lolark Shashthi 2026: लोलार्क षष्ठी को लेकर पुलिस आयुक्त ने लोलार्क कुंड का निरीक्षण किया। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ नियंत्रण और महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती को लेकर अधिकारियों को निर्देश दिए।

धर्मेंद्र कुमार चौबे, स्निग्धा श्रीवास्तव

Lolark Shashthi Varanasi Police: वाराणसी लोलार्क षष्ठी पर्व को सकुशल और शांतिपूर्ण सम्पन्न कराने के लिए पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी श्री मोहित अग्रवाल ने आज लोलार्क कुंड एवं आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। पुलिस आयुक्त ने लोलार्क कुंड पर आने वाले श्रद्धालुओं एवं दंपतियों की सुरक्षा, सुविधा एवं सुगम यातायात व्यवस्था का जायजा लिया गया।

इस दौरान प्रवेश एवं निकास मार्गों, बैरिकेडिंग, भीड़ नियंत्रण तथा पर्याप्त पुलिस प्रबंध सुनिश्चित करने के निर्देश अधिकारियों को दिए गए। पर्व के दौरान महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए महिला पुलिसकर्मियों की पर्याप्त तैनाती और सहायता केंद्र स्थापित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही यातायात व्यवस्था को सुगम बनाए रखने और वाहनों की सुव्यवस्थित पार्किंग के लिए भी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने को कहा गया।

कुंड परिसर में साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था के निर्देश

पुलिस आयुक्त द्वारा कुंड परिसर में साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं के लिए संबंधित विभागों से समन्वय स्थापित कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए गए। सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय, सतर्कता एवं प्रभावी पर्यवेक्षण के साथ ड्यूटी निर्वहन करने को कहा गया।निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था/मुख्यालय श्री शिवहरि मीणा सहित अन्य अधिकारीगण मौजूद रहे।

लोलार्क षष्ठी का महत्व

बता दें कि लोलार्क षष्ठी इस बार 17 सितंबर 2026 को मनाई जा रही है। हर साल की तरह इस बार भी हजारों जोड़े अस्सी घाट के पास एक प्राचीन बावड़ी की घिसी हुई पत्थरों की सीढ़ियों से नीचे उतरकर सूर्योदय के समय एक साथ स्नान करते हैं। ललार्क षष्ठी को ललार्क छठ भी कहा जाता है।

मान्यता है कि यहां स्नान करने से निसंतान दंपतियों को पुत्र रत्न की प्राप्ती होती है इसलिए इस दिन यहां हजारों निसंतान दंपति संतान की कामना से कुंड में डुबकी लगाते हैं।

स्नान मुहूर्त

इस बार स्नान के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 6:31 से 10:26 बजे तक सर्वोत्तम समय है। ज्योतिष के अनुसार इस बार स्नान का विशेष संयोग बन रहा है यानि सात साल बाद राजयोग, पांच महापुरुष योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग है।

स्नान और पूजा के नियम

इस दौरान पति पत्नी एक साथ संकल्प लेकर डुबकी लगाते हैं। कुंड में पारंपरिक रूप से 7 बार डुबकी लगाने की मान्यता है। इसके बाद फल-फूल और विधि-विधान से लोलार्केश्वर महादेव और सूर्य देव की पूजा की जाती है।

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