बुलडोजर एक्शन (सोर्स- फोटो नवभारत)
वाराणसी

वाराणसी में अवैध निर्माण पर चला बुलडोजर; 24 घंटे पहले नोटिस देने पर उठे सवाल, कोर्ट की गाइडलाइन का दिया हवाला

Varanasi News: यूपी के वाराणसी में अवैध निर्माण के खिलाफ बुलडोजर कार्रवाई शुरू हुई। मकान मालिक ने 24 घंटे पहले नोटिस देने पर सवाल उठाए। यहां अधिकारियों ने बिना स्वीकृत नक्शे के निर्माण का दावा किया।

धर्मेंद्र कुमार चौबे, स्निग्धा श्रीवास्तव

Varanasi Illegal Construction Demolition: वाराणसी में एक बार फिर अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासन का बुलडोजर गरजता नजर आया। एक भवन को अवैध निर्माण के रूप में चिह्नित किए जाने के बाद गुरुवार सुबह संबंधित भवन पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई। कार्रवाई के दौरान मौके पर प्रशासनिक और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

बताया जा रहा है कि संबंधित भवन को कार्रवाई से करीब 24 घंटे पहले अवैध निर्माण के रूप में चिह्नित करते हुए नोटिस जारी किया गया था। इसके बाद सुबह ही भवन पर बुलडोजर की कार्रवाई शुरू हो गई। कार्रवाई का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें भवन के हिस्से पर बुलडोजर चलता दिखाई दे रहा है।

मकान मालिक ने उठाए नोटिस और समय को लेकर सवाल

कार्रवाई को लेकर मकान मालिक ने आपत्ति जताते हुए आरोप लगाया कि उन्हें कार्रवाई से महज 24 घंटे पहले नोटिस दिया गया। मकान मालिक का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के अनुसार किसी निर्माण को गिराने से पहले संबंधित व्यक्ति को पर्याप्त समय और कानूनी प्रक्रिया का पालन करने का अवसर दिया जाना चाहिए।

मकान मालिक ने कार्रवाई की प्रक्रिया और नोटिस दिए जाने के समय को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि इतने कम समय में उन्हें अपना पक्ष रखने और आगे की कानूनी प्रक्रिया अपनाने का पर्याप्त अवसर नहीं मिला।

इमरान कादरी उर्फ एलपी बाबा ने क्या बताया

वहीं, मौके पर मौजूद इमरान कादरी उर्फ एलपी बाबा ने बताया कि संबंधित मकान को कुछ दिन पहले ही नगर निगम की ओर से जर्जर घोषित किया गया था। उनके मुताबिक भवन की स्थिति को लेकर पहले से ही नगर निगम की ओर से कार्रवाई की प्रक्रिया चल रही थी।

उन्होंने कहा कि भवन को जर्जर घोषित किए जाने और बाद में अवैध निर्माण के संबंध में की जा रही कार्रवाई को अलग-अलग पहलुओं से देखा जाना चाहिए।

अधिकारियों का दावा- बिना नक्शा पास कराए कराया गया निर्माण

वहीं, संबंधित विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भवन में बिना नक्शा पास कराए निर्माण कराया गया था। अधिकारियों के अनुसार, निर्माण को विभागीय स्तर पर चिह्नित किए जाने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

पीडब्ल्यूडी और नगर निगम के अधिकारियों के मुताबिक संबंधित निर्माण की जांच के बाद इसे अवैध पाया गया। इसके बाद भवन को चिह्नित कर कार्रवाई की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

अधिकारियों का कहना है कि बिना स्वीकृत मानचित्र के कराए गए निर्माण के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। विभाग की ओर से निर्माण को लेकर उपलब्ध दस्तावेजों और मौके की स्थिति के आधार पर कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।

एक तरफ जर्जर भवन, दूसरी तरफ अवैध निर्माण का मामला

इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि भवन को पहले नगर निगम की ओर से जर्जर घोषित किए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद अब इसी भवन को अवैध निर्माण के तौर पर चिह्नित कर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जा रही है।

ऐसे में सवाल यह भी उठ रहा है कि भवन की जर्जर स्थिति और अवैध निर्माण से संबंधित कार्रवाई की प्रक्रिया किस आधार पर और किस क्रम में पूरी की गई। हालांकि, संबंधित विभागों का कहना है कि कार्रवाई नियमों के तहत की जा रही है।

फिलहाल कार्रवाई के बाद इलाके में चर्चा का माहौल है। वहीं, मकान मालिक की ओर से सुप्रीम कोर्ट का हवाला देते हुए नोटिस और कार्रवाई के लिए मिले समय को लेकर लगाए गए आरोप तथा विभाग की ओर से बिना नक्शा पास कराए निर्माण किए जाने का दावा-दोनों पक्ष इस मामले को अलग-अलग तरीके से प्रस्तुत कर रहे हैं।

अब पूरे मामले में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग की ओर से नोटिस, निर्माण की स्वीकृति और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई से जुड़े दस्तावेजों में क्या स्थिति सामने आती है।

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