अवैध पटाखा फैक्ट्री  (सोर्स- सोशल मीडिया)
वाराणसी

वाराणसी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका, मकान जमींदोज; छह लोगों के दबे होने की आशंका

Varanasi Explosion News: सारनाथ क्षेत्र के पैगंबरपुर में कथित अवैध पटाखा फैक्टरी में भीषण विस्फोट से मकान जमींदोज हो गया। पुलिस, फायर ब्रिगेड और NDRF की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुटी हैं।

धर्मेंद्र कुमार चौबे, स्निग्धा श्रीवास्तव

Highlights:

  • वाराणसी में अवैध पटाखा फैक्ट्री में भीषण धमाका

  • धमाके में पड़ोसी के मकान भी क्षतिग्रस्त

  • राजू खान के मां की तलाश जारी

  • फायर ब्रिगेड और एनडीआरएफ ने संभाला मोर्चा

  • प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र में अवैध कारोबार को लेकर उठे सवाल

Varanasi Firecracker Factory Blast: सारनाथ थाना क्षेत्र के पचकोशी स्थित पैगंबरपुर में गुरुवार शाम कथित अवैध पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट से इलाके में हड़कंप मच गया। धमाका इतना जोरदार था कि पटाखा कारोबारी राजू खान का मकान पूरी तरह जमींदोज हो गया, जबकि बगल में स्थित मकान को भी नुकसान पहुंचा। हादसे के बाद मौके पर अफरातफरी मच गई। शुरुआती सूचना के मुताबिक, मलबे में करीब छह लोगों के दबे होने की आशंका है। इनमें राजू खान की मां के भी शामिल होने की सूचना है। पुलिस, फायर ब्रिगेड और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की टीमें राहत एवं बचाव अभियान में जुट गईं।

प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, मकान में पटाखे बनाने या उनके भंडारण का काम किए जाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, पटाखा फैक्टरी की वैधता और विस्फोट के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। धमाके की तीव्रता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि मकान ढहने के साथ आसपास के भवन भी प्रभावित हुए।

पुलिस की निगरानी पर उठे सवाल

घनी आबादी वाले इलाके में इस तरह का विस्फोट होने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। यदि मकान में अवैध रूप से पटाखे बनाने या विस्फोटक सामग्री का भंडारण करने का काम चल रहा था, तो इसकी जानकारी स्थानीय पुलिस और संबंधित विभागों को क्यों नहीं हुई? क्या रिहायशी इलाकों में इस तरह की गतिविधियों की नियमित निगरानी की जा रही थी? हादसे के बाद इन सवालों को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि संबंधित कारोबारी के पास पटाखा निर्माण या भंडारण का वैध लाइसेंस था या नहीं। जांच में यह भी महत्वपूर्ण होगा कि मकान में किस प्रकार की गतिविधियां संचालित हो रही थीं और सुरक्षा मानकों का पालन किया जा रहा था या नहीं।

मलबे में दबे लोगों की तलाश

धमाके की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद एनडीआरएफ की टीम ने भी राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। मलबे में लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए बचाव दल सावधानीपूर्वक मलबा हटाकर उनकी तलाश कर रहा है।

राजू खान की मां के भी मलबे में फंसे होने की सूचना के बाद उनकी तलाश पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विस्फोट के कारणों और संभावित जनहानि के संबंध में स्थिति बचाव अभियान तथा जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

हादसे के बाद जवाबदेही तय करने की मांग

पैगंबरपुर की घटना ने अवैध पटाखा निर्माण और भंडारण पर निगरानी की व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यदि जांच में अवैध कारोबार की पुष्टि होती है, तो यह पता लगाना जरूरी होगा कि गतिविधियां कब से संचालित थीं और संबंधित विभागों की ओर से पहले कोई कार्रवाई की गई थी या नहीं। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है। इसके बाद विस्फोट के कारणों और संभावित लापरवाही की जांच के आधार पर जिम्मेदारी तय की जाएगी।

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