Varanasi Airport Aerobridge: लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के विस्तारीकरण के बाद यात्रियों को कई नई और आधुनिक सुविधाएं मिलने जा रही हैं। एयरपोर्ट के विस्तार की योजना में दो एयरोब्रिज का निर्माण भी शामिल है। इनके तैयार होने के बाद यात्रियों को टर्मिनल भवन से विमान तक पहुंचने के लिए बस का सहारा नहीं लेना पड़ेगा। यात्री सीधे टर्मिनल भवन से सुरक्षित और बंद रास्ते के जरिए विमान तक पहुंच सकेंगे।
फिलहाल वाराणसी एयरपोर्ट पर यात्रियों को टर्मिनल भवन से एप्रन पर खड़े विमान तक पहुंचाने के लिए विमानन कंपनियों की बसों का इस्तेमाल किया जाता है। यात्रियों को बस के जरिए विमान तक ले जाया जाता है। इस दौरान उन्हें टर्मिनल से बाहर निकलना पड़ता है और मौसम का सामना भी करना पड़ता है।
एयरपोर्ट के विस्तार के बाद यह व्यवस्था काफी हद तक बदल जाएगी। एयरोब्रिज की सुविधा शुरू होने पर यात्री टर्मिनल भवन से सीधे विमान के दरवाजे तक पहुंच सकेंगे। इससे बोर्डिंग की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक और व्यवस्थित होगी।
एयरोब्रिज का सबसे बड़ा फायदा यात्रियों को मौसम के दौरान मिलेगा। गर्मी के मौसम में यात्रियों को तेज धूप और उमस का सामना नहीं करना पड़ेगा। वहीं बारिश के दौरान टर्मिनल से विमान तक पहुंचने में भीगने की चिंता भी नहीं होगी।
एयरोब्रिज पूरी तरह बंद और सुरक्षित रास्ता होता है। इसके जरिए यात्री बिना खुले एप्रन क्षेत्र में गए सीधे विमान तक पहुंचते हैं। इससे बुजुर्ग यात्रियों, बच्चों और सामान के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों को भी सुविधा मिलने की उम्मीद है।
एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता के अनुसार, यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विस्तारीकरण के बाद घरेलू और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए अलग-अलग टर्मिनल भवनों की व्यवस्था की जाएगी।
वर्तमान टर्मिनल भवन का इस्तेमाल अंतरराष्ट्रीय उड़ानों के लिए किया जाएगा, जबकि नए बनने वाले टर्मिनल भवन को घरेलू उड़ानों के लिए इस्तेमाल किया जाएगा।
दोनों टर्मिनल भवनों के बीच यात्रियों की आवाजाही को आसान बनाने के लिए भी एयरोब्रिज की सुविधा विकसित की जाएगी। इसके लिए स्थान चिन्हित किए जा चुके हैं।
एयरोब्रिज को सामान्य भाषा में पैसेंजर बोर्डिंग ब्रिज भी कहा जाता है। यह टर्मिनल भवन और विमान के बीच बना एक बंद एवं सुरक्षित रास्ता होता है। यात्री इसी रास्ते से सीधे विमान के प्रवेश द्वार तक पहुंचते हैं।
एयरोब्रिज का एक हिस्सा टर्मिनल भवन से स्थायी रूप से जुड़ा रहता है, जिसे तकनीकी भाषा में फिक्स्ड फिंगर कहा जाता है। इसके आगे एयरोब्रिज का चलायमान हिस्सा होता है, जिसे विमान के दरवाजे की स्थिति के अनुसार आगे-पीछे किया जा सकता है।
एयरोब्रिज शुरू होने के बाद यात्रियों को बस में बैठाकर विमान तक ले जाने और फिर बस से उतरकर विमान में प्रवेश करने की प्रक्रिया से राहत मिलेगी। इससे बोर्डिंग प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक होने के साथ यात्रियों के समय की भी बचत होगी।
वाराणसी एयरपोर्ट पर यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए एयरोब्रिज की सुविधा को महत्वपूर्ण बदलाव माना जा रहा है। विस्तारीकरण पूरा होने के बाद आधुनिक टर्मिनल, अलग घरेलू-अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था और एयरोब्रिज जैसी सुविधाओं से एयरपोर्ट की यात्री सुविधाओं में विस्तार होगा।