Pravati Parida Odisha River Bank: पंडित दीनदयाल उपाध्याय हस्तकला संकुल, चांदमारी में आयोजित प्रेसवार्ता में ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रवती परिदा ने कहा कि वाराणसी के घाटों की तर्ज पर ओडिशा में भी नदी किनारे घाटों और रिवर बैंक को विकसित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि ओडिशा सरकार महानदी के तट पर वाराणसी के नमो घाट की तर्ज पर एक आधुनिक और आकर्षक रिवर बैंक विकसित करने की दिशा में प्रयास कर रही है।
हमारा प्रयास है कि महानदी पर बनने वाला यह रिवर बैंक नमो घाट से भी सुंदर और बेहतर हो। उन्होंने कहा कि ओडिशा में पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से वाराणसी में तीन दिवसीय ‘ओडिशा पर्व’ का आयोजन किया जा रहा है। इस आयोजन के माध्यम से ओडिशा की समृद्ध कला, संस्कृति, हस्तशिल्प, खान-पान और पर्यटन की संभावनाओं को काशी के लोगों और देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री प्रवती परिदा ने वाराणसी के विकास की सराहना करते हुए कहा कि काशी में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में विकास की जो धारा बह रही है,
उससे वाराणसी पर्यटन के साथ-साथ विकास के एक मॉडल के रूप में उभरकर सामने आया है। उन्होंने कहा कि ओडिशा सरकार काशी के विकास और पर्यटन मॉडल से सीख लेकर उसे अपने प्रदेश में लागू करने की दिशा में काम करेगी।
उन्होंने कहा कि वाराणसी के घाट, गंगा का तट और यहां की आध्यात्मिक-सांस्कृतिक विरासत देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करती है।
इसी प्रकार ओडिशा में भी नदियों, समुद्र तटों, धार्मिक स्थलों और सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन से जोड़कर बड़े स्तर पर विकसित करने की संभावनाएं हैं।
प्रवती परिदा ने कहा कि ओडिशा और उत्तर प्रदेश के बीच सांस्कृतिक एवं पर्यटन संबंधों को और मजबूत करने के लिए इस तरह के आयोजन महत्वपूर्ण हैं। ओडिशा पर्व के माध्यम से दोनों राज्यों की कला, संस्कृति और पर्यटन के क्षेत्र में सहयोग को बढ़ावा देने की पहल की जा रही है।
उन्होंने कहा कि काशी और ओडिशा दोनों ही धार्मिक एवं सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध क्षेत्र हैं। दोनों राज्यों की सांस्कृतिक विरासत को पर्यटन के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाने और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि महानदी ओडिशा की पहचान और जीवनरेखा से जुड़ी महत्वपूर्ण नदी है। सरकार महानदी के किनारे ऐसा रिवर बैंक विकसित करना चाहती है, जहां पर्यटन, संस्कृति और स्थानीय विरासत का बेहतर समन्वय हो।
उन्होंने कहा कि नमो घाट से प्रेरणा लेते हुए महानदी के तट को विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, ताकि यह आने वाले समय में ओडिशा के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सके।
उन्होंने उम्मीद जताई कि ओडिशा और उत्तर प्रदेश के बीच पर्यटन एवं सांस्कृतिक क्षेत्र में बढ़ता सहयोग दोनों राज्यों की अर्थव्यवस्था, स्थानीय कला और हस्तशिल्प तथा रोजगार के अवसरों को भी मजबूती देगा।
प्रेसवार्ता में ओडिशा पर्व के आयोजन, पर्यटन विकास, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और दोनों राज्यों के बीच पर्यटन क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने को लेकर विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई।