Swami Jitendranand Saraswati Statement: समाजवादी पार्टी की एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हिंदू संतों से जुड़ा कथित AI वीडियो सामने आने के बाद संत समाज में नाराजगी देखने को मिल रही है। अखिल भारतीय संत समिति ने वीडियो में हिंदू संतों के कथित आपत्तिजनक चित्रण पर कड़ा ऐतराज जताते हुए समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से संत समाज से माफी मांगने की मांग की है।
अखिल भारतीय संत समिति के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि लखनऊ में आयोजित समाजवादी पार्टी की प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सामने आए कथित AI वीडियो में एक शिखाधारी संत को आपत्तिजनक परिस्थितियों में दिखाए जाने को लेकर संत समाज आक्रोशित है। समिति का आरोप है कि वीडियो के माध्यम से संतों की गरिमा, मर्यादा और सनातन संत परंपरा की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया है।
स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने कहा कि सनातन परंपरा में संतों का विशेष सम्मान है और किसी भी माध्यम से उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश स्वीकार नहीं की जा सकती। उन्होंने पूरे प्रकरण पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से स्पष्टीकरण देने की मांग की है।
अखिल भारतीय संत समिति ने कहा कि यदि किसी AI वीडियो या अन्य माध्यम के जरिए हिंदू संतों की छवि को जानबूझकर बदनाम करने का प्रयास किया गया है तो यह गंभीर विषय है। समिति ने मामले में जिम्मेदारी तय किए जाने और संत समाज की धार्मिक भावनाओं एवं सम्मान का ध्यान रखने की मांग की है।
संत समिति ने अखिलेश यादव से सार्वजनिक रूप से संतों से माफी मांगने की मांग उठाते हुए कहा कि संतों के सम्मान और उनकी मर्यादा के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। समिति ने पूरे प्रकरण को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि संत समाज के कथित अपमान का विरोध किया जाएगा।