Banaras Hindu University Waterlogging: पूर्वांचल के AIIMS कहे जाने वाले काशी हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) में चंद घंटे की मूसलाधार बारिश ने विश्वविद्यालय की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। BHU के मुख्य गेट से लेकर अस्पताल परिसर तक कई स्थानों पर सड़कें जलमग्न हो गईं और रास्ते दरिया में तब्दील नजर आए।
बारिश के बाद अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके तीमारदारों को जलभराव के बीच से होकर गुजरने को मजबूर होना पड़ा। इलाज के लिए अस्पताल पहुंचने से पहले ही मरीजों को पानी से भरी सड़कों को पार करने की चुनौती का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर सड़क और जलभराव के बीच अंतर करना भी मुश्किल नजर आया।
सबसे बड़ा सवाल BHU की ड्रेनेज व्यवस्था को लेकर उठ रहा है। हर साल बारिश के दौरान जलभराव की समस्या सामने आने के बावजूद स्थायी समाधान नहीं हो सका है। मूसलाधार बारिश होते ही विश्वविद्यालय परिसर और अस्पताल क्षेत्र में जलभराव की तस्वीरें सामने आने लगती हैं।
स्थानीय लोगों और मरीजों के तीमारदारों का कहना है कि करोड़ों रुपये के विकास कार्यों के बावजूद यदि बारिश का पानी निकालने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है तो यह व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। जलभराव से मरीजों, डॉक्टरों, कर्मचारियों और आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है।
बारिश ने एक बार फिर BHU प्रशासन की तैयारियों और ड्रेनेज सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना होगा कि हर साल सामने आने वाली इस समस्या का स्थायी समाधान कब तक हो पाता है।