UP Police SI Recruitment 2025: उत्तर प्रदेश पुलिस में दरोगा भर्ती-2025 की नियुक्ति प्रक्रिया को अभ्यर्थियों द्वारा दाखिल याचिका को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है। हाईकोर्ट ने नियुक्ति पत्र वितरित किए जाने पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी है। याचिका पर अगली और अंतिम सुनवाई नौ अक्टूबर को होगी।उत्तर कुंजी में किए गए बदलावों को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह आदेश दिया।
दरोगा भर्ती की लिखित परीक्षा 14 और 15 तारीख को चार शिफ्टों में आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद जारी आंसर-की को लेकर कुछ अभ्यर्थियों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। उनका कहना है कि कई प्रश्नों के उत्तर बाद में बदले गए, जबकि बदले गए उत्तरों की शुद्धता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इसी आधार पर हाईकोर्ट में याचिकाएं दाखिल की गईं।
याचिकाकर्ताओं की ओर से इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष परीक्षा के दौरान पूछे गए कई प्रश्नों और उनके उत्तरों का मुद्दा उठाया गया। याचिका में आरोप लगाया गया है कि आपत्तियों के निस्तारण के दौरान कुछ प्रश्नों के उत्तर बदले गए। अभ्यर्थियों ने इन बदलावों को चुनौती देते हुए भर्ती के परिणाम और आगे की नियुक्ति प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। मामले में कोर्ट के समक्ष संबंधित रिकॉर्ड और परीक्षा प्रक्रिया से जुड़े पहलुओं पर सुनवाई हो रही है।
हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए नियुक्ति प्रक्रिया के अगले चरण पर फिलहाल रोक लगा दी है। इसके तहत नियुक्ति पत्रों के वितरण पर अगली सुनवाई तक रोक रहेगी। हालांकि, भर्ती के पूर्व में संपन्न चरणों को लेकर कोर्ट के अंतिम आदेश का इंतजार रहेगा। मामले की अगली सुनवाई नौ अक्टूबर को निर्धारित की गई है। उसी दिन कोर्ट पूरे विवाद पर सुनवाई करते हुए आगे की स्थिति स्पष्ट कर सकता है।
दरोगा भर्ती-2025 में शामिल अभ्यर्थियों के लिए हाईकोर्ट का अगला आदेश महत्वपूर्ण होगा। नियुक्ति पत्र वितरण पर रोक के कारण चयनित अभ्यर्थियों को फिलहाल नियुक्ति प्रक्रिया के अगले कदम के लिए इंतजार करना पड़ेगा। नौ अक्तूबर को होने वाली सुनवाई में आंसर-की में किए गए बदलाव और उनसे संबंधित आपत्तियों पर कोर्ट के रुख से भर्ती प्रक्रिया की आगे की दिशा तय होगी।