UP Assistant Teacher Recruitment: 11508 सहायक अध्यापक भर्ती में शिक्षामित्रों को भारांक देने का रास्ता साफ हो सकता है। बेसिक शिक्षा विभाग ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को पत्र भेजकर सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी दी है। आयोग ने मामले में रिपोर्ट तैयार करने के लिए चार सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। आयोग की होने वाली बैठक में इस मुद्दे पर निर्णय लिए जाने की संभावना है।
बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही भी इस मामले में सामने आई है। 11508 सहायक अध्यापक पदों पर चयन एवं नियुक्ति के लिए बेसिक शिक्षा निदेशक ने 17 मई को चयन आयोग को अधियाचन भेजा था। इसके बाद 15 सितंबर को भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया। विभागीय अधिकारियों को अधियाचन के साथ ही सुप्रीम कोर्ट के आदेश की जानकारी आयोग को देनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। भर्ती विज्ञापन जारी होने के बाद शिक्षामित्रों को भारांक नहीं दिए जाने की बात सामने आने पर विभाग सक्रिय हुआ।
सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षामित्रों को आगामी शिक्षक भर्ती में एक अतिरिक्त अवसर दिए जाने का आदेश दिया था। इसी आदेश के अनुपालन में शिक्षामित्रों को भारांक देने का मुद्दा सामने आया है। बेसिक शिक्षा विभाग के सचिव की ओर से चयन आयोग के सचिव को पत्र भेजे जाने के बाद आयोग ने चार सदस्यीय कमेटी गठित की है। कमेटी से पूरे मामले का परीक्षण कर रिपोर्ट मांगी गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
भर्ती प्रक्रिया में शिक्षामित्रों को भारांक नहीं मिलने पर न्यायालय में अवमानना याचिका दाखिल किए जाने की आशंका भी जताई जा रही है। इसी कारण आयोग इस मामले को गंभीरता से देख रहा है। कमेटी की रिपोर्ट के बाद शिक्षामित्रों को भारांक देने की व्यवस्था पर निर्णय हो सकता है। मंगलवार को आयोग की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा होने की उम्मीद है।
शिक्षामित्रों के भारांक के साथ शिक्षक भर्ती से जुड़े अन्य मुद्दों पर भी शासन स्तर पर मंथन चल रहा है। नियमावली में संशोधन और उत्कृष्ट खिलाड़ियों को आरक्षण नहीं दिए जाने जैसे विषयों पर भी विचार किया जा रहा है। शासन स्तर पर इसी सप्ताह इन मुद्दों को लेकर बैठक होने की संभावना है। भर्ती प्रक्रिया में बदलाव का अंतिम निर्णय संबंधित अधिकारियों और चयन आयोग की प्रक्रिया के अनुसार लिया जाएगा।