Computer Teacher In UP Aided School: उत्तर प्रदेश के सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा को शुरू हुए करीब 25 वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन अब तक स्थायी कंप्यूटर शिक्षकों के पद सृजित नहीं हो सके हैं। वर्ष 2001 में भारत सरकार की माध्यमिक विद्यालयों में आईसीटी योजना के तहत कंप्यूटर शिक्षा और डिजिटल अधोसंरचना विकसित करने की पहल शुरू हुई थी। इसके बावजूद विद्यालयों में कंप्यूटर विषय पढ़ाने के लिए स्थायी शिक्षकों की व्यवस्था नहीं हो सकी। शिक्षा निदेशालय की ओर से पिछले पांच वर्षों में कई बार शासन को प्रस्ताव भेजे गए, लेकिन मामला आगे नहीं बढ़ सका।
प्रदेश में कुल 4512 सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय हैं। इनमें 2460 राजकीय माध्यमिक विद्यालय भी शामिल हैं। अधिकांश विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा देने का दबाव लगातार बढ़ रहा है। वर्तमान में माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से कक्षा नौ, 10, 11 और 12 में कंप्यूटर विषय का पाठ्यक्रम संचालित किया जा रहा है।
शुरुआती दौर में कंप्यूटर शिक्षा को लेकर विद्यालयों में संसाधन उपलब्ध कराए गए। बाद में कई विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षक की व्यवस्था आउटसोर्सिंग के माध्यम से की गई। शिक्षकों को करीब 15 हजार रुपये मानदेय पर रखा गया। स्थायी नियुक्ति नहीं होने से लंबे समय से यह व्यवस्था ही चल रही है।
समय के साथ कंप्यूटर शिक्षा का स्वरूप भी लगातार बदल रहा है। अब पाठ्यक्रम में प्रोग्रामिंग, इंटरनेट, डिजिटल साक्षरता, साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ई-कॉमर्स और क्लाउड कंप्यूटिंग जैसे विषय शामिल हैं। इसके साथ ही रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी जैसे नए क्षेत्रों को भी पाठ्यक्रम से जोड़ा जा चुका है।
विशेषज्ञों का कहना है कि जब विषय का दायरा लगातार बढ़ रहा है तो उसे पढ़ाने के लिए प्रशिक्षित और स्थायी शिक्षकों की जरूरत भी बढ़ना स्वाभाविक है। कई विद्यालयों में आज भी वही शिक्षक कंप्यूटर शिक्षा दे रहे हैं, जिन्हें वर्ष 2001 में अस्थायी तौर पर नियुक्त किया गया था।
शिक्षा निदेशालय ने पिछले पांच वर्षों में कई बार कंप्यूटर शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजे हैं, लेकिन इन पर अभी तक ठोस निर्णय नहीं हो सका है। शिक्षकों का कहना है कि पांच वर्ष बाद भी योजना बंद हो गई, जबकि माध्यमिक विद्यालयों को लंबे समय से अस्थायी शिक्षकों के सहारे चलाया जा रहा है।
शिक्षकों ने अब अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक को फिर मांगपत्र देकर स्थायी पद सृजित करने की मांग की है। उनका कहना है कि प्रत्येक सत्र में कक्षा नौ से 12 तक करीब 60 से 70 हजार विद्यार्थी कंप्यूटर विषय में पंजीकृत हो रहे हैं। ऐसे में स्थायी कंप्यूटर शिक्षकों के पद सृजित कर नियमित नियुक्ति प्रक्रिया शुरू की जानी चाहिए।