वाराणसी शहर। इमेज-सोशल मीडिया। 
उत्तर प्रदेश

कहानी वाराणसी की...दो नदियों के नाम से मिलकर बना इस शहर का नाम, खुद भगवान शिव यहां के रक्षक

Film Varanasi: फिल्म वाराणसी काफी चर्चा में है। इसमें महेश बाबू, प्रियंका चोपड़ा और पृथ्वीराज सुकुमारन लीड रोल में हैं। एसएस राजामौली की फिल्म को आने में समय है्।

रंजन कुमार

Varanasi Story: दुनिया के सबसे प्राचीन शहरों में से एक वाराणसी है। भगवान शिव की नगरी से भारतवासी इसे जानते हैं। इस शहर को काशी और बनारस के नाम से भी जाना जाता है। दरअसल, यह सिर्फ एक शहर नहीं, बल्कि हिंदुओं की आस्था का बड़ा केंद्र भी है।

माना जाता है कि इस शहर की स्थापना खुद भगवान शिव ने की है। वाराणसी का उल्लेख वेदों, पुराणों और उपनिषदों में भी है। काशी को मोक्षदायिनी भूमि, शिव की प्रिय नगरी और त्रिशूल पर स्थित दिव्य धाम माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं अनुसार संपूर्ण वाराणसी भगवान शिव के त्रिशूल पर विराजमान हैं।

वाराणसी का नाम कैसे पड़ा?

वाराणसी शहर का नाम दो नदियों के नाम से बना है। ये नदियां वरुणा और असि हैं। इनके नामों से मिलकर वाराणसी नाम पड़ा। इन नदियों के बीच स्थित होने के कारण ही इसका नाम वाराणसी पड़ा। इसका मतलब है-वरुणा और असि के बीच की भूमि। इसके अतिरिक्त इस शहर को काशी और बनारस के नाम से भी जाना जाता है।

वाराणसी की कहानी

पौराणिक कथाओं की मानें तो वाराणसी शहर के रक्षक खुद भगवान शिव हैं। ऐसा कहा जाता है कि ये नगरी शिव के त्रिशूल पर टिकी है, जिस कारण से इसका कभी नाश नहीं हो सकता है। हिंदू धर्मग्रंथों में कई स्थानों पर काशी का उल्लेख मिलता है। स्कंद पुराण और काशी खंड में लिखा है कि भगवान शिव को यह नगरी इतनी प्रिय है कि उन्होंने इसे अपने निवास स्थान के रूप में चुना। शास्त्रों में बताया गया है कि जब प्रलय आता है और पूरी सृष्टि नष्ट हो जाती है, तब भी काशी अपनी जगह पर टिकी रहती है। यही वजह है कि इसे दुनिया की सबसे प्राचीन नगरी कहा जाता है। काशी में भगवान शिव बाबा विश्वनाथ के रूप में निवास करते हैं। ऐसी मान्यता है कि काशी में मृत्यु होने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।

भगवान शिव ने वाराणसी को त्रिशूल पर किया धारण

वाराणसी को भगवान शिव और देवी पार्वती का घर माना गया है। पौराणिक कथाओं के मुताबिक जब असुरों और देवताओं के बीच भयंकर युद्ध छिड़ गया था तो असुरों ने काशी में हाहाकार मचाया था। उस दौरान भगवान शिव ने अपने त्रिशूल का प्रयोग कर काशी की रक्षा की थी। यह भी कहा जाता है कि त्रिशूल पर वाराणसी को स्थापित करने का उद्देश्य इस नगरी को विनाश और कालचक्र से परे रखना था।

Cyclone Arnab: आंध्र प्रदेश में लैंडफॉल, 150 किमी/घंटे तक हवाएं; कई राज्यों में रेड अलर्ट जारी

चक्रवात अर्नब की रफ्तार बढ़ने से तटीय इलाकों में दहशत, 150 की रफ्तार से चलेंगी हवाएं, रेड अलर्ट

MLC Election Results LIVE: मतगणना जारी, बिहार के सारण से निर्दलीय उम्मीदवार राहुल राज चुनाव जीते

इस्लाम को दुनिया की कोई ताकत नहीं मिटा सकती, मस्जिदों पर मौलाना अरशद मदनी का बड़ा बयान

पीएम मोदी को लेकर विवादित बयान पर नड्डा का तीखा हमला, बोले दिवालिया हो चुकी कांग्रेस को खुद पर शर्म नहीं आती