अमेठी: भाजपा नेता स्मृति ईरानी अमेठी दौरे पर हैं। पिछले साल लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद स्मृति ईरानी का यह पहला अमेठी दौरा है। स्मृति यहां गौरीगंज के रणंजय इंटर कॉलेज मैदान पर आयोजित अहिल्याबाई होल्कर की जन्म त्रिशताब्दी पर आयोजित संगोष्ठी में शामिल होंगी। स्मृति ईरानी का यह दौरा लोकसभा चुनाव में मिली हार के ठीक एक साल बाद हो रहा है।
वह 355 दिन यानी एक साल बाद अमेठी आई हैं। पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने यहां गंगा में डूबे तीन युवकों के परिजनों से मुलाकात की। स्मृति ईरानी ने पीड़ित परिवार को सांत्वना दी। वह महिलाओं के बीच में बैठने के साथ ही महिलाओं के आंसू पोछते दिखाई पड़ीं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी सोमवार को एक दिवसीय दौरे पर अमेठी आई हैं। इस दौरान ईरानी अहिल्याबाई होल्कर की जन्म त्रिशताब्दी पर आयोजित संगोष्ठी कार्यक्रम में शामिल हो रही हैं। इस कार्यक्रम को स्थानीय भाजपा इकाई के द्वारा बढ़ावा देने के तौर पर भी देखा जा रहा है। यूपी चुनाव 2027 के मद्देनजर स्मृति ईरानी की क्षेत्र में सक्रियता को अहम माना जा रहा है।
स्मृति ईरानी ने 2014 के लोकसभा चुनाव में पहली बार राहुल गांधी के खिलाफ अमेठी से चुनाव लड़ा था। हालांकि राहुल ने उन्हें करीब एक लाख वोट से हरा दिया था। लेकिन स्मृति ने इसके बाद भी अमेठी नहीं छोड़ा और वहां घर बनवा कर रहने लगीं और लोगों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाया।
इसका असर 2019 के चुनाव में देखने को मिला और स्मृति ने गांधी परिवार के गढ़ में राहुल गांधी को हराकर राजनीतिक हलकों में बड़ी चर्चा बटोरी। लेकिन 2024 के लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी 2019 वाला करिश्मा नहीं दोहरा पाई और कांग्रेस प्रत्याशी किशोरी लाल शर्मा से चुनाव हार गईं। चुनाव हारने के बाद उन्होंने अमेठी से दूरी बना ली थी। हालांकि स्मृति ईरानी सोशल मीडिया के जरिए अमेठी से हमेशा जुड़ी रहीं।
वहीं दूसरी ओर स्मृति ईरानी अमेठी दौरे से पहले यूथ कांग्रेस के जिलाध्यक्ष शुभम सिंह को नजरबंद कर दिया गया। शुभम सिंह ने इस पर आरोप लगाया कि भाजपा को डर है कि कांग्रेस कहीं विरोध प्रदर्शन न कर दे। बता दें कि 30 अप्रैल को राहुल गांधी के अमेठी आगमन पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया था और 'राहुल गांधी वापस जाओ' के नारे लगाते हुए उनका पुतला फूंका गया था।