दिग्गज शूटर जसपाल राणा (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया) 
उत्तर प्रदेश

Jaspal Rana Funeral: मणिकर्णिका घाट पर पंचतत्व में विलीन होंगे शूटर जसपाल राणा, CM योगी भी होंगे शामिल

Shooter Jaspal Rana Update: शूटिंग के दिग्गज जसपाल राणा का आज बनारस के मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार होगा। सीएम योगी आदित्यनाथ भी वाराणसी में अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।

अमन मौर्या

Jaspal Rana Varanasi Funeral: पद्म श्री पुरस्कार विजेता और शूटिंग के दिग्गज जसपाल राणा का आज वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार किया जाएगा।वाराणसी आने से पहले उनके पार्थिव शरीर को लोगों ने देहरादून स्थित उनके आवास पर लोगों ने अंतिम श्रद्धांजलि दी। कल शाम 7:45 बजे उनका पार्थिव शरीर दिल्ली से देहरादून में उनके गांव पहुंचा। वहां देर रात अंतिम दर्शन के लिए राजनीतिक नेताओं, खिलाड़ियों और शुभचिंतकों का तांता लगा रहा।

आज सुबह उनके पार्थिव शरीर को चार्टर्ड विमान से देहरादून से वाराणसी लाया जाया जाएगा। सूत्रों के अनुसार राणा के अंतिम संस्कार में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी शामिल होंगे।

भारत को दिलाया कई मेडल

पूर्व भारतीय शूटर और दिग्गज शूटिंग कोच जसपाल राणा का शुक्रवार को 49 वर्ष की आयु में निधन हो गया था। वे एशियाई खेलों में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। इसके अलावा ओलंपिक मेडलिस्ट मनु भाकर के करियर में उनका अहम योगदान रहा। जसपाल राणा ने निशानेबाजी में भारत को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर एक अलग पहचान दिलाई। एशियाई खेलों जैसे- एशियाई चैंपियनशिपस और कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने कई मेडल्स जीते और देश का नाम रौशन किया। उन्होंने अनुभव से देश की अगली पीढ़ी को भी ओलंपिक में मेडल जीतने में अहम भूमिका निभाई।

सैनिक परिवार से संबंध

जसपाल राणा एक सैनिक परिवार से तालुक रखते हैं। उनका जन्म 28 जून, 1976 को उत्तराखंड के एक गढ़वाल परिवार में हुआ था। उनके पिता नारायण सिंह राणा सेना में पूर्व अधिकारी थे और बाद में उत्तराखंड राज्य के पहले खेल मंत्री भी बने। जसपाल राणा को निशानेबाजी विरासत में मिली थी। 12 साल की छोटी-सी उम्र में ही उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना ली थी। उनके शुरूआती दिनों में उनके पिता ही उनके पहले कोच थे।

भारत को दिलाई पहचान

जसपाल राणा का करियर शानदार रहा। उन्होंने अपने करियर में एशियाई खेलों जैसे- कॉमनवेल्थ गेम्स और एशियाई चैंपियनशिप में कई मेडल अपने नाम किए और एक दमदार शूटर के रूप में दुनियाभार में अपनी एक अलग पहचान बनाई। अपने शानदार करियर में उन्होंने कॉमनवेल्थ गेम्स के चार संस्करणों- 1994, 1998, 2002 और 2006 में भारत का प्रतिनिधित्व किया और देश को कुल 15 पदक दिलाया।

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